Bajaj Finserv Small Cap Fund का शानदार डेब्यू: पहले साल में ही इंडेक्स को पछाड़ा!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Bajaj Finserv Small Cap Fund का शानदार डेब्यू: पहले साल में ही इंडेक्स को पछाड़ा!

Bajaj Finserv Small Cap Fund ने अपने पहले साल में **8.5%** का रिटर्न दिया है, जो कि **BSE 250 SmallCap TRI** के **-1.25%** के मुकाबले काफी बेहतर है। फंड ने स्मॉल-कैप शेयरों में **87.34%** का निवेश बनाए रखा है।

Detailed Coverage

पहले साल में ही दमदार वापसी

Bajaj Finserv Small Cap Fund ने अपने पहले साल में ही निवेशकों को मालामाल कर दिया है। 18 जुलाई, 2025 को लॉन्च होने के बाद से इस फंड ने 8.5% का शानदार रिटर्न अर्जित किया है। वहीं, इस दौरान BSE 250 SmallCap Total Return Index (TRI) को 1.25% का घाटा हुआ। इस तरह, फंड ने अपने बेंचमार्क इंडेक्स को 9.75% के बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है।

पोर्टफोलियो और डाइवर्सिफिकेशन की स्ट्रैटेजी

30 जून, 2026 तक, फंड ने अपने 87.34% एसेट्स स्मॉल-कैप इक्विटी में निवेश किए हुए थे। फंड मैनेजर ने मार्केट की वोलैटिलिटी को संभालने के लिए 93 अलग-अलग शेयरों में अपना पोर्टफोलियो फैलाया है। टॉप 10 होल्डिंग्स में 28.62% एसेट्स हैं, और किसी एक शेयर का वेटेज 4.18% से ज्यादा नहीं है।

खास बात यह है कि फंड के 42 शेयर BSE 500 इंडेक्स के बाहर के हैं। ये शेयर फंड के कुल नेट एसेट वैल्यू (NAV) का लगभग 40% हैं, जो दिखाता है कि फंड मैनेजर उन स्मॉल-कैप कंपनियों में भी निवेश के मौके तलाश रहा है जिन पर कम रिसर्च होती है।

मार्केट परफॉर्मेंस और सेक्टर का भविष्य

फंड ने हाल की तिमाही में बेहतरीन रिकवरी दिखाई है। 23 मार्च, 2026 से 30 जून, 2026 के बीच, डायरेक्ट प्लान ने 29.34% का रिटर्न दिया, जबकि बेंचमार्क 24.84% ही बढ़ पाया। पिछले छह महीनों में, फंड का रिटर्न 24.98% रहा, जो बेंचमार्क के 11.41% से दोगुना से भी ज्यादा है।

फंड हाउस का मानना है कि स्मॉल-कैप स्पेस में कंपनियों की सेहत सुधर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2019 में जहां नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.52 था, वहीं अब यह लगभग शून्य के करीब आ गया है। एवरेज रिटर्न ऑन इक्विटी 9% से बढ़कर 12% हो गया है। इसके अलावा, लगभग आधे स्मॉल-कैप शेयर अपने 10 साल के एवरेज वैल्यूएशन से नीचे ट्रेड कर रहे हैं।

इन पॉजिटिव संकेतों के बावजूद, स्मॉल-कैप फंड्स में वोलैटिलिटी का खतरा बना रहता है। मार्केट में गिरावट के समय लिक्विडिटी की कमी और इकोनॉमिक स्लोडाउन में छोटी कंपनियों के स्ट्रगल करने का जोखिम रहता है। इसीलिए, इन फंड्स में ऐसे निवेशकों को ही निवेश करना चाहिए जिनका रिस्क लेने की क्षमता ज्यादा हो और जिनके पास कई सालों का इन्वेस्टमेंट होराइजन हो।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.