Bajaj Asset Management ने अपने पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव करते हुए स्मॉल-कैप शेयरों से निकलकर लार्ज-कैप इक्विटी का रुख किया है। कंपनी अब ऐसी फर्मों पर दांव लगा रही है जो एआई (AI) का प्रभावी ढंग से उपयोग कर रही हैं, साथ ही प्राइवेट बैंक और इंश्योरेंस सेक्टर में भी हिस्सेदारी बढ़ाई है।
पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव
Bajaj Asset Management के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर निमेष चंदन के नेतृत्व में फंड हाउस ने अपनी रणनीति पूरी तरह बदल दी है। बाजार में मौजूद अनिश्चितता और हाई इंटरेस्ट रेट्स के बीच स्मॉल-कैप शेयरों की महंगी वैल्यूएशन देखते हुए, अब कंपनी लार्ज-कैप शेयरों को प्राथमिकता दे रही है। यह कदम बाजार में पोर्टफोलियो की मजबूती बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
AI का बदलता नजरिया
साल 2023 में कंपनी का फोकस एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करने वाली कंपनियों पर था, लेकिन अब रणनीति बदल चुकी है। अब फोकस ऐसी कंपनियों पर है जो सीधे तौर पर एआई का उपयोग अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्जिन सुधारने में कर रही हैं। कंपनी अब 'टूल्स' बेचने वालों के बजाय उन 'यूजर' कंपनियों को चुन रही है जो तकनीक को सीधे रेवेन्यू और प्रोडक्टिविटी में बदल सकती हैं।
बैंक और इंश्योरेंस पर भरोसा
जोखिम को कम करने के लिए फर्म ने 'ग्रोथ एट ए रीजनेबल प्राइस' (GARP) के सिद्धांत को अपनाया है। इसके तहत प्राइवेट बैंकों में निवेश बढ़ाया गया है, जो ऊंची ब्याज दरों के माहौल में अपने मार्जिन को बेहतर ढंग से मैनेज कर सकते हैं। इसके अलावा, इंश्योरेंस कंपनियों में भी हिस्सेदारी बढ़ाई गई है, जो महंगाई के खिलाफ एक हेज (Hedge) के रूप में काम करती हैं और बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान स्टेबल कैश फ्लो सुनिश्चित करती हैं।
सतर्कता जरूरी
हालांकि, निवेशकों को यह समझना होगा कि कोई भी रणनीति पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं होती। ग्लोबल आर्थिक स्थिति, ब्याज दरों में बदलाव और एआई एडॉप्शन के ट्रेंड में आने वाली कोई भी हलचल इस परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकती है। आगामी डिस्क्लोजर पर नजर रखना निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
