The Hindu Business Line ने सितंबर 2026 के लिए म्यूचुअल फंड की नई रैंकिंग जारी कर दी है। स्टार-रेटिंग सिस्टम के जरिए इक्विटी, डेट और पैसिव फंड्स के प्रदर्शन का विश्लेषण किया गया है, जो आपको पोर्टफोलियो रीबैलेंस करने में मदद करेगा।
The Hindu Business Line ने सितंबर 2026 के लिए म्यूचुअल फंड रिपोर्ट कार्ड पेश कर दिया है। यह अपडेट रिटेल और इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स को उनके इन्वेस्टमेंट की हेल्थ चेक करने का मौका देता है। इस रिपोर्ट में फंड्स को स्टार-रेटिंग दी गई है, जिससे यह समझना आसान हो जाता है कि कौन सा फंड आपकी उम्मीदों पर खरा उतर रहा है।
इक्विटी इन्वेस्टर्स के लिए 'सॉर्टिनो रेशियो' का महत्व
इक्विटी फंड्स का आकलन करने के लिए इस रिपोर्ट में सॉर्टिनो रेशियो (Sortino ratio) पर खास जोर दिया गया है। सामान्य वोलैटिलिटी के उलट, यह रेशियो सिर्फ गिरावट के जोखिम (downside risk) को देखता है। वहीं, पैसिव या इंडेक्स फंड्स के लिए ट्रैकिंग एरर (tracking error) का डेटा दिया गया है। जितना कम ट्रैकिंग एरर होगा, फंड अपने बेंचमार्क इंडेक्स को उतना ही सटीक तरीके से फॉलो करेगा।
डायरेक्ट वर्सेस रेगुलर प्लान
रिपोर्ट में डायरेक्ट और रेगुलर प्लान्स के बीच कॉस्ट का अंतर समझाया गया है। एक्सपेंस रेशियो (expense ratio) आपके लॉन्ग-टर्म रिटर्न को काफी प्रभावित करता है। डायरेक्ट प्लान्स में डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन नहीं होने के कारण लागत कम होती है, जो लंबे समय में आपके मुनाफे को बढ़ा सकती है।
डेट फंड्स में क्रेडिट रिस्क
फिक्स्ड-इनकम इन्वेस्टर्स के लिए AA और उससे नीचे की रेटिंग वाले डेट पेपर्स का एक्सपोजर बताया गया है। बाजार की बदलती स्थितियों में यह जानना जरूरी है कि क्या आपका फंड ज्यादा रिटर्न के चक्कर में रिस्क तो नहीं ले रहा।
यह रैंकिंग साल की आखिरी तिमाही से पहले आपके पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करने के लिए एक बेंचमार्क की तरह काम करेगी। याद रखें, इन मेट्रिक्स का फायदा तभी है जब आप इन्हें अपने फाइनेंशियल गोल्स और रिस्क लेने की क्षमता के हिसाब से देखें।
