Axis Mutual Fund की चीफ बिजनेस ऑफिसर, Vandana Trivedi, ने सलाह दी है कि बाजार की अस्थिरता (Volatility) से निपटने के लिए पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन (Diversification) बेहद जरूरी है। कंपनी **₹3 लाख करोड़** से ज़्यादा की संपत्ति मैनेज करती है और उनका मानना है कि किसी एक सेक्टर पर निर्भर न रहकर रिस्क कम किया जा सकता है।
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच अक्सर निवेशक तेज़ी से बढ़ते शेयरों या सेक्टर्स की ओर आकर्षित होते हैं। लेकिन, Axis Mutual Fund की चीफ बिजनेस ऑफिसर, Vandana Trivedi, का कहना है कि लंबी अवधि में वेल्थ बनाने का सबसे टिकाऊ तरीका डाइवर्सिफिकेशन के ज़रिए रिस्क फैलाना है। इस सिद्धांत के अनुसार, अलग-अलग एसेट क्लास (Asset Class) और मार्केट सेक्टर्स एक साथ एक दिशा में बहुत कम चलते हैं।
एसेट एलोकेशन क्यों मायने रखता है?
जब कोई निवेशक अपना सारा पैसा किसी एक स्टॉक या सेक्टर में लगा देता है, तो उसका पोर्टफोलियो उस खास बिज़नेस या इंडस्ट्री की समस्याओं के प्रति बहुत संवेदनशील हो जाता है। अगर उस सेक्टर में डिमांड कम हो जाए, रेगुलेटरी दिक्कतें आएं या रॉ मटेरियल की लागत बढ़ जाए, तो पूरा पोर्टफोलियो भारी नुकसान झेल सकता है।
विभिन्न एसेट्स, जैसे लार्ज-कैप स्टॉक्स (Large-cap Stocks), डेट इंस्ट्रूमेंट्स (Debt Instruments) और अन्य क्लास को मिलाकर रखने से, एक एरिया में गिरावट का असर दूसरे एरिया में स्थिरता या ग्रोथ से कम किया जा सकता है। Axis Mutual Fund, जो फिलहाल ₹3 लाख करोड़ से अधिक की एसेट्स मैनेज कर रहा है, रिस्क और रिटर्न को बैलेंस करने के लिए अपनी मैनेजमेंट स्ट्रैटेजी में इसी फिलॉसफी को अपनाता है।
लंबी अवधि के लिए निवेश
कई भारतीय रिटेल निवेशकों के लिए चुनौती यह है कि जब मार्केट सेंटिमेंट नेगेटिव हो जाए तो वे अपनी बनाई हुई योजना पर कैसे टिके रहें। Trivedi ने बताया कि मार्केट की अनिश्चितता शेयर बाजार का एक स्वाभाविक हिस्सा है। रोज़ की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर प्रतिक्रिया देने के बजाय, एक डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो निवेशकों को विभिन्न मार्केट साइकल्स (Market Cycles) के दौरान निवेशित रहने की अनुमति देता है।
इस तरीके से निवेश का सफर ज़्यादा स्मूथ (Smooth) होता है, क्योंकि यह किसी एक कंपनी या इंडेक्स के प्रदर्शन पर निर्भरता कम करता है। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को सेक्टर्स और एसेट टाइप्स में कैसे बांटा गया है, इस पर नज़र रखनी चाहिए ताकि वे यह सुनिश्चित कर सकें कि वे बाज़ार के किसी एक हिस्से में ज़्यादा एक्सपोज्ड (Exposed) न हों।
