Axis Mutual Fund के CIO R. Sivakumar ने FY27 में भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए मजबूत अर्निंग्स साइकिल की भविष्यवाणी की है। उन्होंने निवेशकों को शॉर्ट-टर्म मोमेंटम के बजाय फंडामेंटल ग्रोथ और लार्ज प्राइवेट बैंकों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है।
अर्निंग्स रिकवरी की ठोस उम्मीद
Axis Mutual Fund के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (CIO) R. Sivakumar का मानना है कि भारतीय कॉर्पोरेट सेक्टर मजबूती की राह पर है। कंपनी का मानना है कि ग्लोबल उतार-चढ़ाव के बावजूद, बिजनेस की बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी भारतीय बाजार के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रही है।
रिकवरी के पीछे के दो बड़े कारण
यह अर्निंग्स रिकवरी मुख्य रूप से दो बड़े फैक्टर्स पर टिकी है। पहला, कंपनियों ने अपनी ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार किया है, जिससे उनके मार्जिन बढ़ रहे हैं। दूसरा, एक्सपोर्ट का माहौल, जो पहले थोड़ा सुस्त था, अब उसमें फिर से जान आ रही है। यह बदलाव घरेलू मांग में आने वाले उतार-चढ़ाव के समय कंपनियों के लिए एक 'बफर' की तरह काम करेगा।
पोर्टफोलियो स्ट्रैटेजी और निवेश की राय
फंड हाउस की सलाह है कि निवेशक लार्ज प्राइवेट सेक्टर बैंकों पर भरोसा बनाए रखें। इन बैंकों के पास बिजनेस प्रोजेक्ट्स के विस्तार को सपोर्ट करने के लिए पर्याप्त फाइनेंशियल हेल्थ मौजूद है। फंड हाउस ने साफ किया है कि निवेशक शॉर्ट-टर्म मार्केट 'हाइप' के पीछे भागने के बजाय मजबूत फंडामेंटल्स वाली कंपनियों पर फोकस करें।
डोमेस्टिक निवेशकों का बढ़ता दम
मौजूदा बाजार में अमेरिका की ब्याज दरों जैसे बाहरी कारकों का असर जरूर दिख रहा है, और फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) की बिकवाली एक चुनौती बनी हुई है। हालांकि, भारतीय म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों जैसे डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की भागीदारी अब बाजार को स्थिरता दे रही है। यह बदलाव भारतीय शेयरों पर ग्लोबल वोलेटिलिटी के असर को कम कर रहा है।
आने वाले समय में, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर पहलों से सपोर्टेड मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल सेक्टर कॉर्पोरेट अर्निंग्स में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। निवेशकों को यह देखना चाहिए कि जैसे-जैसे सरकारी खर्च बिजनेस नतीजों में बदलेगा, इन सेक्टर्स का प्रदर्शन कैसा रहता है।
