Axis Mutual Fund के CIO R Sivakumar ने निवेशकों को सतर्क किया है। उनका कहना है कि मजबूत GDP ग्रोथ के बावजूद हाई वैल्यूएशन के कारण भारतीय शेयर बाजार में अब एक ठहराव या कंसोलिडेशन का दौर आ सकता है।
Axis Mutual Fund के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (CIO) R Sivakumar ने निवेशकों को आगाह किया है कि भारतीय शेयरों से मिलने वाले रिटर्न आने वाले समय में फ्लैट रह सकते हैं। बाजार की चाल और देश की आर्थिक विकास दर के बीच बढ़ते अंतर के चलते यह सावधानी बरतना जरूरी हो गया है।
क्यों ठंडे पड़ सकते हैं शेयर?
आमतौर पर कंपनी का मुनाफा बढ़ने पर शेयर की कीमतें ऊपर जाती हैं, लेकिन मौजूदा बाजार में 'वैल्यूएशन' सबसे बड़ा फैक्टर बन गया है। जब शेयर पहले ही काफी महंगे दाम पर मिल रहे हों, तो अच्छे नतीजों के बावजूद उनमें और बड़ी तेजी आना मुश्किल हो जाता है। इसका मतलब यह है कि बाजार अब पिछले दौर की तेज बढ़त को पचाने के लिए कंसोलिडेशन के मोड में जा सकता है।
लिक्विडिटी और बदलती रणनीति
पहले बाजार में मौजूद भरपूर लिक्विडिटी के कारण खराब फंडामेंटल वाली कंपनियों के शेयर भी भाग रहे थे, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। ब्याज दरों में बदलाव और पूंजी के महंगे होने से अब निवेशक बहुत चुनिंदा (selective) हो गए हैं। अब वही कंपनियां टिक पाएंगी जो अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी साबित कर सकेंगी।
निवेशकों के लिए सलाह
मार्केट एक्सपर्ट्स अब उन कंपनियों पर दांव लगाने की सलाह दे रहे हैं जिनके पास मजबूत कैश फ्लो है और जो अपनी बढ़ती लागत को ग्राहकों पर डालने (Pricing Power) की क्षमता रखती हैं। अब ग्रोथ के वादों से ज्यादा फंडामेंटल्स की मजबूती पर ध्यान देना जरूरी है। आने वाले क्वार्टरली नतीजों पर नजर रखें, क्योंकि यही तय करेंगे कि कौन सी कंपनियां इस कठिन दौर में अपना मार्जिन सुरक्षित रख पा रही हैं।
