Axis AMC की चेतावनी: Midcap और Smallcap के महंगे भाव पर अब अर्निंग्स का ही भरोसा

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AuthorNeha Patil|Published at:
Axis AMC की चेतावनी: Midcap और Smallcap के महंगे भाव पर अब अर्निंग्स का ही भरोसा

Axis AMC ने निवेशकों को सतर्क करते हुए कहा है कि मिड और स्मॉलकैप शेयरों की वैल्यूएशन ऐतिहासिक स्तरों से काफी ऊपर पहुंच चुकी है। हालांकि जून तिमाही के नतीजों ने **23%** और **31%** की ग्रोथ के साथ इसे सहारा दिया, लेकिन अब आगे की तेजी पूरी तरह से कंपनी के मुनाफे की रफ्तार पर टिकी है।

Axis Asset Management Company ने बाजार की तेजी के बीच एक अहम अलर्ट जारी किया है। फर्म के मुताबिक, मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट अपने लॉन्ग-टर्म एवरेज के मुकाबले काफी महंगे (Premium) भाव पर ट्रेड कर रहे हैं।

वैल्यूएशन का गणित

Axis AMC के CIO (PMS और Listed Equity Alternates) नवीन कुलकर्णी के अनुसार, मिडकैप स्टॉक्स अपनी ऐतिहासिक वैल्यूएशन से 1 स्टैंडर्ड डेविएशन ऊपर हैं। स्मॉलकैप सेगमेंट की स्थिति और भी गंभीर है, जहां वैल्यूएशन मीन (Mean) से करीब 1.3 से 1.4 स्टैंडर्ड डेविएशन ऊपर ट्रेड कर रही है। इसका सीधा मतलब यह है कि निवेशकों को इन शेयरों के लिए उनके इतिहास के मुकाबले कहीं ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।

अर्निंग्स का सपोर्ट और रिस्क

जून तिमाही में मिडकैप कंपनियों ने 23% और स्मॉलकैप ने 31% की दमदार अर्निंग्स ग्रोथ दिखाई थी, जिसने इन महंगे भावों को कुछ हद तक सही साबित किया। तुलना के लिए, लार्ज-कैप स्टॉक्स की ग्रोथ 21% रही।

हालांकि, समस्या 'मार्जिन ऑफ एरर' की है। जब शेयर ऊंचे P/E मल्टीपल पर ट्रेड करते हैं, तो मार्केट को लगातार तेज ग्रोथ की उम्मीद होती है। अगर कंपनियों ने आने वाली तिमाहियों में नतीजे कमजोर दिए, तो करेक्शन का खतरा बढ़ जाएगा। चूंकि कई छोटी कंपनियों पर एनालिस्ट्स की नजर कम होती है, इसलिए निवेशकों को अब ब्रॉड मार्केट के बजाय सीधे व्यक्तिगत कंपनियों की परफॉर्मेंस पर नजर रखनी होगी। आने वाले सितंबर तिमाही के नतीजे इस तेजी की असल परीक्षा लेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.