अगस्त के महीने में भारतीय निवेशकों ने खराब प्रदर्शन करने वाले बड़े Mutual Funds में भी पैसा लगाना जारी रखा। रिटेल निवेशक शॉर्ट-टर्म रिटर्न के बजाय ब्रांड वैल्यू और ऑटोमेटेड SIP पर ज्यादा भरोसा दिखा रहे हैं।
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में अगस्त के दौरान एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला, जहां फंड्स में होने वाला निवेश उनके एक साल के प्रदर्शन से बिल्कुल उलट नजर आया। डेटा बताता है कि निवेशक पिछले कुछ समय के गेन (Gain) के बजाय फंड हाउस की पुरानी साख और निवेश की आदतों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
क्यों शॉर्ट-टर्म गिरावट को नजरअंदाज कर रहे निवेशक?
इसका सबसे सटीक उदाहरण HDFC Flexi Cap Fund और Parag Parikh Flexi Cap Fund हैं। अगस्त में इन दोनों स्कीमों में ₹1,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश आया, जबकि इनका एक साल का रिटर्न क्रमशः -0.95% और -4.05% रहा। करीब ₹1.47 लाख करोड़ का एसेट बेस मैनेज करने वाले Parag Parikh Flexi Cap Fund में यह निवेश किसी नए जोश का नतीजा नहीं, बल्कि पहले से चल रहे निवेश का निरंतर हिस्सा है।
इस ट्रेंड के पीछे सबसे बड़ी ताकत 'सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान' यानी SIP है। रिटेल निवेशक अपनी मासिक किस्तों को बाजार की उठापटक के बावजूद बंद नहीं करते, जिससे मजबूत ब्रांड वाले फंड्स को शॉर्ट-टर्म प्रदर्शन खराब होने पर भी सुरक्षा कवच मिल जाता है।
परफॉर्मेंस बनाम भरोसा
आंकड़े यह भी बताते हैं कि हर बार अच्छा प्रदर्शन करने वाले फंड में पैसा नहीं आता। उदाहरण के तौर पर, Invesco India Small Cap ने 15.25% का पॉजिटिव रिटर्न दिया, फिर भी यह टॉप-10 की सूची से बाहर हो गया। यह साफ दिखाता है कि भारतीय निवेशक एक साल के अच्छे रिटर्न से ज्यादा लंबी अवधि के ट्रैक रिकॉर्ड पर भरोसा कर रहे हैं।
टॉप फंड्स में बदलाव
अगस्त में Bandhan Small Cap Fund ने अपनी बादशाहत कायम रखी। इस फंड ने ₹2,187 करोड़ का निवेश आकर्षित किया, जो जुलाई के ₹2,003 करोड़ से ज्यादा है। इस फंड का तीन साल का रिटर्न 23.53% रहा है। वहीं, Kotak Multi Cap Fund में भी 27% का जोरदार उछाल देखा गया। इसके विपरीत, कम स्थापित ब्रांड वाले Abakkus Flexi Cap Fund के प्रति निवेशकों की रुचि में कमी आई है।
निवेशकों के लिए सलाह
बड़े ब्रांड्स पर निर्भरता फंड हाउस के लिए तो ठीक है, लेकिन छोटे निवेशकों के लिए यह रिस्क भी बन सकता है। यदि आप सिर्फ नाम देखकर फंड चुन रहे हैं, तो अपने लक्ष्यों तक पहुंचने में देरी हो सकती है। SIP की आदत बनाए रखना अच्छी बात है, लेकिन समय-समय पर अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करना बेहद जरूरी है ताकि आपका पैसा सही जगह ग्रो कर सके।
