Portfolio Overlap का खतरा: क्या ज्यादा Mutual Fund रखना वाकई सेफ है?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Portfolio Overlap का खतरा: क्या ज्यादा Mutual Fund रखना वाकई सेफ है?

निवेशकों को लगता है कि ज्यादा म्यूचुअल फंड स्कीम्स रखने से रिस्क कम होता है, लेकिन लेटेस्ट डेटा बताता है कि फ्लेक्सी-कैप फंड्स और अन्य कैटेगरी में भारी ओवरलैप है। इसका मतलब है कि आप अनजाने में एक ही तरह के शेयरों में निवेश कर रहे हैं और फालतू एक्सपेंस रेशियो (Expense Ratio) भर रहे हैं।

बहुत से निवेशक यह मानकर चलते हैं कि पोर्टफोलियो में जितनी ज्यादा स्कीम्स होंगी, वे उतने ही ज्यादा सुरक्षित रहेंगे। लेकिन DSP Mutual Fund की सितंबर 2026 की 'Netra' रिपोर्ट इस धारणा को पूरी तरह गलत साबित करती है। रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर पोर्टफोलियो ऊपर से तो डाइवर्सिफाइड दिखते हैं, लेकिन अंदरूनी तौर पर उनमें चुनिंदा शेयरों का भारी जमावड़ा होता है।

फंड रिडंडेंसी की कड़वी सच्चाई

फ्लेक्सी-कैप फंड्स अपनी आजादी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन ये फंड्स अक्सर वही ब्लू-चिप शेयर खरीद रहे होते हैं जो अन्य कैटेगरी के फंड्स में पहले से मौजूद हैं। रिपोर्ट के डेटा को देखें तो:

  • फ्लेक्सी-कैप और बैलेंस्ड एडवांटेज फंड (BAF) के बीच 75.3% कॉमन इक्विटी एक्सपोजर है।
  • फ्लेक्सी-कैप और लार्ज एंड मिड-कैप फंड्स के बीच 71.5% का ओवरलैप है।
  • लार्ज-कैप और फ्लेक्सी-कैप के बीच यह ओवरलैप 63.8% तक है।

इसका सीधा मतलब यह है कि कई निवेशकों का केवल 25% से 36% पोर्टफोलियो ही वास्तव में अलग होता है। बाकी का पैसा एक ही तरह की कंपनियों में फंसा है। ज्यादा डुप्लीकेशन का मतलब है—रिस्क का फैलाव नहीं, बल्कि एक जगह कंसंट्रेशन।

क्यों बढ़ता है ये ओवरलैप?

फ्लेक्सी-कैप फंड मैनेजर अक्सर मार्केट में सबसे मजबूत कंपनियों को ही चुनते हैं, जिससे वे अनजाने में उन ही ब्लू-चिप शेयरों पर दांव लगा बैठते हैं जो लार्ज-कैप फंड्स के पोर्टफोलियो का आधार हैं। अगर कोई विशेष सेक्टर या कुछ चुनिंदा शेयर अंडरपरफॉर्म करते हैं, तो आपका पूरा पोर्टफोलियो एक साथ गिरता है। इसके अलावा, आप एक ही जैसी रणनीति के लिए अलग-अलग स्कीम्स में अलग-अलग एक्सपेंस रेशियो चुका रहे होते हैं, जो लंबे समय में आपके नेट रिटर्न को नुकसान पहुंचाता है।

पोर्टफोलियो को कैसे मैनेज करें?

असली डाइवर्सिफिकेशन स्कीम की संख्या से नहीं, बल्कि अंडरलाइंग एसेट्स (Underlying Assets) से आता है। SEBI की गाइडलाइंस के तहत फंड हाउस हर महीने पोर्टफोलियो डिस्क्लोज करते हैं। निवेशक ऑनलाइन पोर्टफोलियो ओवरलैप टूल्स का उपयोग करके यह चेक कर सकते हैं कि उनकी स्कीम्स में कितना कॉमन होल्डिंग है। अगली बार कोई भी नया फंड चुनते समय यह जरूर देखें कि क्या वह वास्तव में कोई अलग इन्वेस्टमेंट स्टाइल या सेक्टर एक्सपोजर दे रहा है या फिर आपके पुराने पोर्टफोलियो का ही कार्बन कॉपी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.