Aditya Birla Sun Life Flexi Cap Fund में अगर आपने अगस्त 1998 से हर महीने ₹10,000 की SIP शुरू की होती, तो आज यह फंड बढ़कर करीब ₹7.25 करोड़ हो गया होता। यह आंकड़े अनुशासन के साथ निवेश करने की अद्भुत ताकत को दर्शाते हैं।
कंपाउंडिंग का असली जादू
अगस्त 1998 में शुरू हुए इस फंड में 28 साल के दौरान कुल निवेश ₹33.50 लाख का रहा, जो आज बढ़कर ₹7.25 करोड़ के पार पहुंच चुका है। यह इस बात का सबूत है कि बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबी अवधि का नजरिया कितना बड़ा वेल्थ क्रिएशन कर सकता है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना होगा कि ये पुराने आंकड़े भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देते हैं।
परफॉर्मेंस और स्ट्रेटजी
इस फंड को हरीश कृष्णन और धवल जोशी मैनेज करते हैं। फंड ने अपनी शुरुआत से अब तक 20.77% का CAGR रिटर्न दिया है, जबकि इसका बेंचमार्क Nifty 500 TRI इसी दौरान 15.59% ही दे पाया। हालिया आंकड़ों के अनुसार, फंड का AUM ₹29,044 करोड़ है।
फंड हाउस अपनी निवेश रणनीति के लिए 'मल्टी-स्लीव' (Multi-sleeve) अप्रोच का इस्तेमाल करता है। इसमें पोर्टफोलियो को 5 हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें 'बेंचमार्क अवेयर' से लेकर 'बेस्ट ऑफ ब्रीड' तक शामिल हैं। फंड का मुख्य झुकाव लार्ज-कैप कंपनियों की ओर रहता है, जहां 60% से 75% तक एसेट एलोकेट किया जाता है।
जोखिम और सतर्कता
इक्विटी फंड होने के नाते इसका रिस्क रेटिंग 'वेरी हाई' (Very High) है। फंड मैनेजर समय-समय पर मार्केट वैल्यूएशन के आधार पर मिड-कैप और स्मॉल-कैप एक्सपोजर बदलते रहते हैं। इस लचीलेपन से फायदा तो मिलता है, लेकिन साथ ही एक्टिव मैनेजमेंट का रिस्क भी बना रहता है। निवेशकों को सलाह है कि निवेश से पहले फंड की रणनीति और मार्केट के जोखिमों को अच्छी तरह समझ लें।
