Aditya Birla Sun Life AMC ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट **8%** घटकर **₹221 करोड़** रह गया है। रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद कर्मचारियों के खर्चों में **33%** के भारी उछाल का असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ा है।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी का बिजनेस तो बढ़ रहा है, लेकिन मुनाफे की रफ्तार थम गई है। सितंबर तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹221 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹241 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू 5% बढ़कर ₹484 करोड़ तक जरूर पहुंचा, लेकिन 20% के कुल खर्चों में उछाल ने पूरा गणित बिगाड़ दिया। मुख्य रूप से 'एम्प्लॉई बेनिफिट' खर्चों में 33% का इजाफा होकर यह ₹126 करोड़ पर पहुंच गए, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
एसेट और बिजनेस का हाल
बिजनेस ऑपरेशन्स के मोर्चे पर कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। कंपनी का एवरेज AUM 4% बढ़कर ₹4.42 लाख करोड़ हो गया है। इसमें इक्विटी सेगमेंट का दबदबा रहा, जो 9% बढ़कर ₹2.09 लाख करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, फिक्स्ड इनकम सेगमेंट ₹2.33 लाख करोड़ पर स्थिर रहा, जो दिखाता है कि ग्रोथ के मामले में इक्विटी का योगदान ज्यादा है।
SIP और रिटेल निवेशकों का भरोसा
रिटेल निवेशकों का रुझान अब भी बना हुआ है। हालांकि SIP इनफ्लो मामूली घटकर ₹1,094 करोड़ रहा, लेकिन नई SIP रजिस्ट्रेशन में जोरदार उछाल देखा गया है। कंपनी ने 7.05 लाख नए SIP रजिस्ट्रेशन दर्ज किए हैं, और अब कुल 42 लाख एक्टिव SIP अकाउंट्स हो गए हैं। इसके अलावा, अल्टरनेट एसेट्स और PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) में भी कंपनी ने पिछले साल के मुकाबले अच्छी बढ़त हासिल की है।
आगे के लिए निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों को कैसे कंट्रोल करती है और क्या ये नए SIP रजिस्ट्रेशन भविष्य में कंपनी के मार्जिन को वापस ऊपर खींच पाएंगे या नहीं।
