Abakkus Asset Manager ने अपना तीसरा इक्विटी फंड, 'लार्ज एंड मिड कैप फंड' लॉन्च किया है। इस स्कीम में लार्ज-कैप और मिड-कैप कंपनियों में कम से कम 35-35% निवेश किया जाएगा। फंड हाउस का AUM अब ₹7,700 करोड़ से ज़्यादा हो गया है, और वे लंबी अवधि के घरेलू ग्रोथ पर नज़र रख रहे हैं।
Abakkus Mutual Fund का नया कदम
Abakkus Asset Manager ने बाजार में अपना तीसरा इक्विटी फंड, 'लार्ज एंड मिड कैप फंड' लॉन्च कर दिया है। इस नई स्कीम का मैनेजमेंट Pratish Krishnan करेंगे। फंड के नियमों के मुताबिक, इसमें कम से कम 35% एसेट्स लार्ज-कैप स्टॉक्स में और कम से कम 35% मिड-कैप स्टॉक्स में निवेश किए जाएंगे। इस स्ट्रैक्चर का मकसद निवेशकों को बड़ी कंपनियों की स्थिरता और मिड-साइज़्ड फर्मों की ग्रोथ क्षमता के बीच एक संतुलन प्रदान करना है।
बिजनेस ग्रोथ और भविष्य की रणनीति
इस लॉन्च के साथ, Abakkus अपने बिजनेस का विस्तार कर रहा है। फंड हाउस ने हाल ही में घोषणा की है कि उनका कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹7,700 करोड़ के पार चला गया है, और वे 1.4 लाख से ज़्यादा निवेशकों को सेवाएं दे रहे हैं। कंपनी के CEO, Vaibhav Chugh ने भविष्य में हाइब्रिड फंड कैटेगरी में प्रवेश करने और स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (Specialised Investment Fund) का लाइसेंस लेने की योजना बनाई है, जिससे कंपनी की निवेश क्षमता और बढ़ेगी।
मैनेजमेंट का बाजार पर नज़रिया
Abakkus के फाउंडर, Sunil Singhania, भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर लंबी अवधि में काफी पॉजिटिव हैं और इसे $8 ट्रिलियन के वैल्यूएशन की ओर बढ़ते हुए देख रहे हैं। उन्होंने माना कि पिछले 18 महीनों में भारतीय इक्विटीज ने कुछ दबाव का सामना किया है, जिसका कारण पेंडेमिक के बाद की रैली, भू-राजनीतिक तनाव और टेक्नोलॉजी-हैवी मार्केट्स की ओर ग्लोबल कैपिटल का शिफ्ट होना है। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि ग्लोबल मैक्रोइकॉनॉमिक हालात के स्थिर होने पर विदेशी निवेशकों की रुचि बढ़ेगी।
निवेश का तरीका और सेक्टर फोकस
नए फंड के लिए, निवेश टीम 'बॉटम-अप' रिसर्च स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करेगी, यानी फंड मैनेजर्स ब्रॉड मार्केट ट्रेंड्स के बजाय इंडिविजुअल कंपनी फंडामेंटल्स पर फोकस करेंगे। टीम फिलहाल फाइनेंशियल सर्विसेज, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी और इन्वेस्टमेंट स्पेंडिंग से जुड़े सेक्टर्स को प्राथमिकता दे रही है।
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि Singhania ने 2020-2024 की अवधि में देखे गए ऊंचे रिटर्न की उम्मीद न करने की सलाह दी है। उनका जोर है कि मौजूदा बाजार माहौल में सावधानीपूर्वक स्टॉक चुनने की ज़रूरत है, न कि सिर्फ मार्केट की तेजी पर निर्भर रहने की। फंड के प्रदर्शन की निगरानी के लिए, आने वाली तिमाहियों में उसकी रणनीति में निरंतरता और बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले प्रदर्शन पर नज़र रखनी होगी।
