Abakkus Mutual Fund को SEBI से Specialized Investment Funds (SIF) के लिए 'Fokkus' प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की मंजूरी मिल गई है। इस प्लेटफॉर्म में कम से कम **₹10 लाख** का निवेश करना होगा, जो रिटेल म्यूचुअल फंड और महंगे निवेश उत्पादों के बीच एक नया विकल्प पेश करेगा।
बाजार में नया बदलाव
Abakkus Mutual Fund अब Specialized Investment Fund (SIF) सेगमेंट में कदम रख रहा है। SEBI ने 28 अगस्त, 2026 को इस नए प्लेटफॉर्म 'Fokkus' को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह कदम कंपनी को ऐसे लचीले निवेश उत्पाद पेश करने की अनुमति देता है, जो आम म्यूचुअल फंड स्कीमों से काफी अलग और एडवांस हैं।
क्या है SIF की खासियत?
साल 2025 में रेगुलेटर द्वारा पेश किया गया SIF फ्रेमवर्क घरेलू बाजार में एक 'मिडल ग्राउंड' (बीच का रास्ता) तैयार करता है। आम म्यूचुअल फंड्स में आमतौर पर 'लॉन्ग-ओनली' रणनीति होती है, यानी वे सिर्फ बाजार बढ़ने पर मुनाफा कमाते हैं। लेकिन SIF के तहत फंड मैनेजरों को अधिक पावर दी गई है। इसके तहत फंड के कुल एसेट्स का 25% तक हिस्सा डेरिवेटिव्स के जरिए अनहेजेड शॉर्ट पोजीशंस में लगाया जा सकेगा। इसका मतलब है कि गिरते बाजार से भी मुनाफा कमाया जा सकता है।
कौन कर सकता है निवेश?
'Fokkus' प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने के लिए PAN लेवल पर न्यूनतम ₹10 लाख का निवेश जरूरी है। यह आम निवेशकों के लिए नहीं बल्कि उन लोगों के लिए है जो रिटेल म्यूचुअल फंड और PMS (न्यूनतम ₹50 लाख) या AIF (न्यूनतम ₹1 करोड़) के बीच का विकल्प ढूंढ रहे हैं। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील सिंघानिया का कहना है कि वे इस फ्रेमवर्क का उपयोग बाजार के विभिन्न चक्रों के अनुसार रणनीति बनाने के लिए करेंगे।
जोखिम और सतर्कता जरूरी
निवेशकों को यह समझना होगा कि SIF की फ्लेक्सिबिलिटी के साथ जोखिम भी बढ़ जाता है। डेरिवेटिव्स और शॉर्ट-सेलिंग के कारण पोर्टफोलियो पर मार्केट वोलैटिलिटी का असर अधिक हो सकता है। चूंकि ये फंड बाजार के खिलाफ भी दांव लगा सकते हैं, इसलिए इनका प्रदर्शन सामान्य इंडेक्स से बिल्कुल अलग हो सकता है। फिलहाल, Abakkus ने अभी तक कोई विशिष्ट रणनीति या लॉन्च डेट घोषित नहीं की है, इसलिए निवेशकों को नई फाइलिंग्स पर नजर रखनी चाहिए।
