ABSL AMC MD Balasubramanian का पोर्टफोलियो सीक्रेट: **60-80%** इक्विटी में निवेश, गोल्ड का अहम रोल!

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AuthorNeha Patil|Published at:
ABSL AMC MD Balasubramanian का पोर्टफोलियो सीक्रेट: **60-80%** इक्विटी में निवेश, गोल्ड का अहम रोल!

Aditya Birla Sun Life AMC के MD, A. Balasubramanian ने लॉन्ग-टर्म वेल्थ बनाने के लिए अपनी खास निवेश रणनीति का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे अनुशासित SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए **60% से 80%** तक इक्विटी में निवेश करना फायदेमंद हो सकता है। साथ ही, उन्होंने पोर्टफोलियो में उतार-चढ़ाव से बचाव के लिए गोल्ड की भूमिका पर भी जोर दिया।

Detailed Coverage

बालासुब्रमण्यन की व्यक्तिगत निवेश रणनीति

Aditya Birla Sun Life Asset Management Company के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, A. Balasubramanian ने अपने निवेश के तरीके को साझा किया है। उनका मानना है कि लंबी अवधि में संपत्ति (wealth) का निर्माण बाजार का अनुमान लगाकर नहीं, बल्कि लगातार अनुशासन बनाए रखकर ही संभव है। मौजूदा बाजार की स्थिति को देखते हुए, कई भारतीय निवेशकों के लिए उनकी रणनीति यह बताती है कि वेल्थ जनरेशन के लिए SIPs (Systematic Investment Plans) एक प्रभावी तरीका है।

एसेट एलोकेशन का खास तरीका

Balasubramanian अपने पोर्टफोलियो का 60% से 80% हिस्सा इक्विटी में रखते हैं। उनका मानना है कि लंबे समय में कैपिटल एप्रिसिएशन के लिए स्टॉक मार्केट सबसे कारगर रास्ता है। वे फंड्स के चयन में डाइवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड्स, खासकर मल्टी-कैप और फ्लेक्सी-कैप स्कीम्स पर ध्यान केंद्रित करते हैं। ये कैटेगरी उन निवेशकों के लिए बेहतर होती है जो फंड मैनेजर्स को बाजार की स्थितियों के अनुसार लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप स्टॉक्स में निवेश करने की आजादी देना चाहते हैं।

इक्विटी के अलावा, पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करने के लिए वे रियल एस्टेट में भी थोड़ा निवेश रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी रिटायरमेंट प्लानिंग लंबी अवधि की बचत और Employee Provident Fund (EPF) के योगदान से भी मजबूत होती है, जो उनके मार्केट-लिंक्ड निवेशों के साथ स्थिरता का आधार प्रदान करते हैं।

गोल्ड का अहम रोल और रिस्क मैनेजमेंट

जहां उनका पोर्टफोलियो इक्विटी-केंद्रित है, वहीं Balasubramanian पोर्टफोलियो का 5% से 10% हिस्सा गोल्ड में निवेश करने की सलाह देते हैं। वे गोल्ड को महंगाई (inflation) या भू-राजनीतिक अस्थिरता के समय क्रय शक्ति (purchasing power) की सुरक्षा के लिए एक हेज (hedge) के रूप में देखते हैं। उन्होंने बताया कि सिल्वर, जिसका औद्योगिक उपयोग काफी ज्यादा है और जो ज्यादा वोलेटाइल है, उससे यह अलग है। गोल्ड में यह संतुलित निवेश निवेशकों को याद दिलाता है कि ग्रोथ-ओरिएंटेड इक्विटी होल्डिंग्स के साथ ऐसे एसेट्स को भी शामिल करें जो बाजार में तनाव के दौरान अलग तरह से परफॉर्म कर सकते हैं।

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सलाह

जो लोग बाजार में नए हैं, उनके लिए निवेश की अवधि (investment horizon) का महत्व सबसे अहम है। Balasubramanian सलाह देते हैं कि इक्विटी में निवेश कम से कम 5 साल के लिए होल्ड करना चाहिए ताकि शॉर्ट-टर्म प्राइस फ्लक्चुएशन से निपटा जा सके। वे चेतावनी देते हैं कि जो निवेशक जल्दी रिटर्न की उम्मीद करते हैं, वे बाजार के स्वाभाविक उतार-चढ़ाव से हतोत्साहित हो सकते हैं। इसके बजाय, उनका सुझाव है कि एक अनुशासित प्रक्रिया और फंड की निवेश रणनीति की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करना - न कि सबसे ज्यादा परफॉर्म करने वाले फंड के पीछे भागना - भविष्य की सफलता के अधिक विश्वसनीय संकेतक हैं। निवेशक इन सलाहों पर ध्यान देकर देख सकते हैं कि इस तरह की लंबी अवधि की रणनीतियाँ उनके अपने पोर्टफोलियो आवंटन और जोखिम सहनशीलता की तुलना में कैसी हैं, खासकर व्यापक इक्विटी बाजार में मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.