Zee Entertainment ने Nykaa पर ठोका **$210,000** का केस, Instagram रील में म्यूजिक इस्तेमाल का आरोप!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Zee Entertainment ने Nykaa पर ठोका **$210,000** का केस, Instagram रील में म्यूजिक इस्तेमाल का आरोप!
Overview

Zee Entertainment ने beauty retailer Nykaa के खिलाफ **$210,000** (लगभग **₹1.75 करोड़**) का केस दायर किया है। कंपनी का आरोप है कि Nykaa ने अपने प्रोडक्ट्स के प्रमोशन के लिए Instagram रील्स में उनके कॉपीराइट वाले गानों का अनधिकृत इस्तेमाल किया।

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कॉपीराइट विवाद: Instagram रील्स पर महंगा पड़ सकता है म्यूजिक का इस्तेमाल!

Zee Entertainment Enterprises ने फैशन और ब्यूटी रिटेलर Nykaa पर दिल्ली हाईकोर्ट में $210,000 (लगभग ₹1.75 करोड़) का हर्जाना मांगा है। कंपनी का आरोप है कि Nykaa ने अपने प्रोडक्ट्स के प्रमोशन के लिए Instagram रील्स में Zee के कॉपीराइट वाले गानों का इस्तेमाल किया। यह कदम Meta Platforms के म्यूजिक लाइसेंसिंग नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है, जो ऐसे गानों को गैर-व्यावसायिक (non-commercial) इस्तेमाल तक सीमित रखते हैं। Nykaa के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि 12 फ्लैग किए गए लिंक हटा दिए गए हैं। यह मामला डिजिटल दुनिया में ब्रांड्स के लिए एक बड़ी चुनौती को उजागर करता है, जहां वे अक्सर एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए पॉपुलर म्यूजिक का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसके लिए सही लाइसेंस लेना भूल जाते हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 26 मई को होनी है।

डिजिटल एडवरटाइजिंग और IP के रिस्क

यह केस भारत के बढ़ते डिजिटल मार्केटिंग सीन में एक अहम मुद्दे पर रोशनी डालता है। इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर म्यूजिक का इस्तेमाल आम तौर पर पर्सनल, गैर-व्यावसायिक उपयोग के लिए होता है। विज्ञापनों या प्रमोशन के लिए इसका इस्तेमाल कॉमर्शियल माना जाता है और इसके लिए म्यूजिक के कॉपीराइट होल्डर से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर कॉपीराइट एक्ट, 1957 की धारा 63 के तहत हर्जाना, जुर्माना या आपराधिक कार्रवाई भी हो सकती है। Nykaa, जो Myntra और Amazon India जैसे दिग्गजों के साथ ई-कॉमर्स में प्रतिस्पर्धा कर रही है, अक्सर वायरल सोशल मीडिया ट्रेंड्स पर निर्भर करती है। अगर इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) नियमों का ठीक से पालन न किया जाए, तो यह उन्हें बड़े कानूनी झमेले में डाल सकता है। वहीं, Zee Entertainment अपने म्यूजिक राइट्स सहित कंटेंट की एक बड़ी लाइब्रेरी को विभिन्न डिजिटल उपयोगों के लिए तैयार कर रही है, ताकि नई कमाई के रास्ते खोले जा सकें।

कंपनियों की वित्तीय स्थिति और कानूनीThes

Nykaa, अपनी पैरेंट कंपनी PB Fintech Ltd. के तहत, ई-कॉमर्स बाजार में एक मजबूत पकड़ रखती है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹83,505 करोड़ है। Nykaa ने Q2 FY26 में ₹134.86 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो कि अच्छी वित्तीय ग्रोथ दिखाता है। हालांकि, कंपनी को कुछ अन्य कानूनी मामलों का भी सामना करना पड़ा है, जैसे कि एक पूर्व एग्जीक्यूटिव पर डेटा चोरी और कर्मचारी छंटनी का आरोप। दूसरी ओर, Zee Entertainment का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹8,600-8,700 करोड़ है और इसका पी/ई रेशियो (P/E Ratio) करीब 13.9-15.5 है। यह कंपनी मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में सक्रिय है। हाल के समय में Zee के शेयर में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिसका एक बड़ा कारण भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा फंड डायवर्जन और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मुद्दों की जांच है। इन मुद्दों के कारण ही Sony Pictures Networks India के साथ इसका मर्जर रुक गया था। इन चुनौतियों के बावजूद, Zee अपनी सहायक कंपनी ZI-IPR Enterprises के माध्यम से इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) अधिग्रहण, प्रबंधन और मोनेटाइजेशन पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

दोनों कंपनियों के लिए कानूनी जोखिम

Nykaa के लिए, यह मुकदमा एक और कानूनी जोखिम और संभावित कंप्लायंस लागत जोड़ता है, जिससे कंपनी के संसाधन और प्रबंधन का ध्यान बंट सकता है। कंपनी ने रोजगार संबंधी विवादों को सुलझाने में कुछ सफलताएं भी हासिल की हैं। हालांकि, कॉपीराइट उल्लंघन के फैसले Nykaa की डिजिटल मार्केटिंग और इन्फ्लुएंसर स्ट्रेटेजी पर गहरा असर डाल सकते हैं। ऐसे में, कंटेंट की बारीकी से जांच की जरूरत पड़ सकती है, जिससे क्रिएटिव विकल्पों पर अंकुश लग सकता है। Zee Entertainment के लिए, यह कॉपीराइट क्लेम मौजूदा कानूनी और नियामक चुनौतियों का एक हिस्सा है। SEBI द्वारा फंड डायवर्जन और गवर्नेंस में कमी के आरोपों को लेकर जारी नोटिस, निवेशकों के भरोसे और कंपनी की योजनाओं के लिए एक बड़ा जोखिम प्रस्तुत करता है, जो इसकी रिकवरी को धीमा कर सकता है। इन लगातार चिंताओं और कठिन बाजार के कारण Zee के शेयर को नुकसान हुआ है। दोनों ही कंपनियां ऐसे माहौल में काम कर रही हैं जहां रेगुलेटर्स डिजिटल कंटेंट और बिजनेस प्रैक्टिसेज पर अपनी निगरानी बढ़ा रहे हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.