Zee Entertainment ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू **13%** बढ़कर **₹2,225 करोड़** पहुंच गया है, लेकिन भारी निवेश और फीफा 2026 के राइट्स पर खर्च के चलते नेट प्रॉफिट **40%** गिरकर **₹45.6 करोड़** पर आ गया है।
Zee Entertainment Enterprises Ltd के लिए दूसरी तिमाही एक मिले-जुले दौर जैसी रही, जहाँ एक ओर रेवेन्यू में बढ़त दिखी तो दूसरी ओर मार्जिन्स पर भारी दबाव देखा गया। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 13% की बढ़त के साथ ₹2,225 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, प्रॉफिट में 40% की गिरावट यह दर्शाती है कि कंपनी अभी अल्पकालिक मुनाफे के बजाय अपने डिजिटल इकोसिस्टम के विस्तार पर ज्यादा फोकस कर रही है।
डिजिटल पर बड़ी जीत
डिजिटल प्लेटफॉर्म Zee5 ने इस तिमाही में कमाल का प्रदर्शन किया है। इसका रेवेन्यू पिछले साल के ₹310.8 करोड़ से दोगुना होकर ₹626 करोड़ पर पहुंच गया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस यूनिट ने ₹41.6 करोड़ का EBITDA दर्ज किया है, जो पिछले साल ₹31.2 करोड़ के नुकसान में था। इस उछाल के पीछे फीफा 2026 की कवरेज और बढ़ते सब्सक्राइबर्स का बड़ा हाथ है।
क्यों बढ़े खर्च और घटा मार्जिन?
कंपनी का कुल खर्च 18% बढ़कर ₹2,153.8 करोड़ हो गया है। इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी फीफा 2026 से 2034 तक के प्रसारण राइट्स और 'KidZ' व 'Live' जैसे नए वेंचर्स में किए गए निवेश की है। इसका सीधा असर EBITDA मार्जिन पर पड़ा, जो पिछले साल के 7.4% से गिरकर 3.2% पर आ गया है।
विज्ञापन बाजार की चुनौतियां
टीवी विज्ञापन से होने वाली कमाई में कोई खास हलचल नहीं है। विज्ञापन रेवेन्यू ₹803 करोड़ पर स्थिर है, जबकि पिछले साल यह ₹806.3 करोड़ था। हालांकि, राहत की बात यह है कि कंपनी का टीवी नेटवर्क पिछले सात सालों में सबसे अच्छी व्यूअरशिप के साथ 20% का ऑल-इंडिया मार्केट शेयर बनाए हुए है।
अभी कंपनी की लिक्विडिटी स्थिति मजबूत बनी हुई है और उनके पास ₹2,569.4 करोड़ का कैश रिजर्व मौजूद है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि त्योहारी सीजन विज्ञापन की कमाई में कितना इजाफा करता है और कंपनी अपने मार्जिन को कैसे रिकवर करती है।
