United Spirits का बड़ा कदम: RCB फ्रेंचाइजी ₹16,660 करोड़ में हुई नई टीम के हाथों
United Spirits Ltd. (USL) ने अपनी पूरी तरह से अपनी सहायक कंपनी Royal Challengers Sports Private Ltd. (RCSPL) को बेचने के लिए पक्के एग्रीमेंट कर लिए हैं। इसी कंपनी के पास इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और वुमन्स प्रीमियर लीग (WPL) में Royal Challengers Bengaluru (RCB) टीम का मालिकाना हक है। यह डील ₹16,660 करोड़ की है और यह पूरी तरह से कैश में होगी। इस बिक्री के साथ ही United Spirits का स्पोर्ट्स टीम से नाता खत्म हो जाएगा, जो नवंबर 2025 में शुरू हुई समीक्षा प्रक्रिया का नतीजा है।
नया मालिक कौन? आदित्य बिड़ला ग्रुप के नेतृत्व वाला कंसोर्टियम
इस डील में खरीदार Aditya Birla Group के नेतृत्व वाला एक कंसोर्टियम है। इस कंसोर्टियम में The Times of India Group, Bolt Ventures और Blackstone जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। डील पूरी होने के बाद, यह ग्रुप IPL और WPL फ्रेंचाइजी की कमान संभालेगा। इस सौदे को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) जैसी नियामक संस्थाओं की मंजूरी मिलनी बाकी है।
USL के CEO ने बताया क्यों लिया यह फैसला
USL के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, Praveen Someshwar ने कहा, 'यह सौदा USL के लिए एक अहम पड़ाव है, क्योंकि हम अपने मुख्य बेवरेज अल्कोहल बिजनेस पर अपना फोकस और तेज कर रहे हैं ताकि इसके असली पोटेंशियल को अनलॉक कर सकें और लगातार ग्रोथ हासिल कर सकें।' उन्होंने आगे कहा, 'हमें RCB की ग्रोथ पर गर्व है और हम इसके भविष्य को लेकर आशावादी हैं।'
कंसोर्टियम की नजर में RCB का भविष्य
नए खरीदार कंसोर्टियम की ओर से कहा गया कि वे RCB के कस्टोडियन बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बेंगलुरु से टीम के गहरे कनेक्शन और उसके समर्पित फैंस को निवेश का मुख्य कारण बताया। कंसोर्टियम टीम के मैदान पर और मैदान के बाहर के प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की योजना बना रहा है।
डील से फ्रेंचाइजी की वैल्यू का पता चला
फाइनेंशियल ईयर 2025 में RCSPL ने अपने ऑपरेशंस से ₹504 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट किया था, जो USL के स्टैंडअलोन रेवेन्यू का 1.9% था। 31 मार्च 2025 तक, इसकी नेट वर्थ ₹321 करोड़ थी। ₹16,660 करोड़ की यह बड़ी बिक्री फ्रेंचाइजी के ब्रांड वैल्यू और भारत में स्पोर्ट्स एंटरटेनमेंट मार्केट की बढ़ती मांग को दिखाती है। उम्मीद है कि यह डील अगले 6 महीनों में सभी जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद पूरी हो जाएगी।