एक फेडरल जज ने ट्रंप प्रशासन को CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों की प्रेस क्रेडेंशियल्स तुरंत बहाल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने माना कि बिना उचित प्रक्रिया के मीडिया एक्सेस छीनना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज टिम केली ने एक औपचारिक आदेश जारी कर ट्रंप प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों के प्रेस क्रेडेंशियल्स को तुरंत रिस्टोर करें। यह फैसला कार्यपालिका और मीडिया के बीच चल रहे विवाद में एक बड़ा कानूनी मोड़ है।\n\nकोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना पूर्व सूचना या सुनवाई का मौका दिए मीडिया क्रेडेंशियल्स रद्द करना 'प्रोसीजरल ड्यू प्रोसेस' का सीधा उल्लंघन है। प्रशासन ने इस फैसले को नेशनल सिक्योरिटी से जोड़कर सही ठहराने की कोशिश की थी, लेकिन जज ने इसे खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि सरकार के पास इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं था कि इन पत्रकारों की मौजूदगी व्हाइट हाउस के लिए कोई बड़ा खतरा थी।\n\nइस कानूनी लड़ाई पर पूरे मीडिया जगत की नजर है। Reuters, The Washington Post और Fox News जैसे बड़े संस्थानों ने एक सामूहिक 'एमिकस ब्रीफ' दायर कर इसका समर्थन किया था। इन मीडिया घरानों का तर्क है कि सरकार एडिटोरियल स्टैंड के आधार पर पत्रकारों को उनके काम से नहीं रोक सकती और फर्स्ट अमेंडमेंट के अधिकार प्रेस के लिए अनिवार्य हैं।\n\nनिवेशकों और मीडिया स्टेकहोल्डर्स के लिए यह फैसला काफी मायने रखता है, क्योंकि यह प्रेस की कार्यक्षमता को सुरक्षित रखता है। फिलहाल इस बैन पर 14 दिनों के लिए रोक लगा दी गई है, लेकिन यह मामला अभी फेडरल कोर्ट में सक्रिय है। मिड-टर्म चुनावों से ठीक पहले आया यह आदेश आगे चलकर मीडिया एक्सेस और सरकारी अधिकार के दायरे को लेकर एक बड़ी मिसाल कायम कर सकता है।
