31 अक्टूबर 2026 को एक अमेरिकी संघीय अदालत ने Donald Trump द्वारा The Wall Street Journal के खिलाफ दायर **$10 बिलियन** का मानहानि मुकदमा स्थायी रूप से खारिज कर दिया है। जज ने कहा कि दावा कानूनी रूप से 'एक्चुअल मैलिस' (actual malice) के मापदंड को पूरा नहीं करता है। हालांकि, ट्रम्प की कानूनी टीम इस फैसले के खिलाफ अपील करने की तैयारी में है।
एक अमेरिकी संघीय अदालत ने Donald Trump और News Corp के स्वामित्व वाले The Wall Street Journal के बीच चल रही एक बड़ी कानूनी लड़ाई पर विराम लगा दिया है। 31 अक्टूबर 2026 को जज Darrin P. Gayles ने इस $10 बिलियन के मानहानि केस को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। यह इस साल दूसरी बार है जब अदालत ने इस दावे को ठुकराया है, जिससे अब ट्रायल कोर्ट में इस केस को दोबारा पेश करने का रास्ता बंद हो गया है।
'एक्चुअल मैलिस' का कानूनी पेंच
जज के फैसले का मुख्य आधार 'एक्चुअल मैलिस' का कानूनी सिद्धांत था। अमेरिका में, किसी पब्लिक फिगर को मानहानि का मुकदमा जीतने के लिए यह साबित करना होता है कि मीडिया संस्थान ने जानबूझकर गलत जानकारी छापी या सच्चाई के प्रति घोर लापरवाही बरती। अदालत ने पाया कि ट्रम्प का केस इस उच्च स्तर के कानूनी मापदंड को पूरा करने में विफल रहा।
News Corp और निवेशकों पर असर
निवेशकों और बाजार के जानकारों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसने News Corp के ऊपर मंडरा रहे $10 बिलियन के भारी-भरकम कानूनी जोखिम को हटा दिया है। मानहानि के मुकदमों में अक्सर लंबी कानूनी लड़ाई और भारी खर्च होता है, जो कंपनी के ऑपरेशनल फोकस पर दबाव डाल सकता है। केस को 'परमानेंटली डिस्मिस' किए जाने से कंपनी को तत्काल स्पष्टता मिली है। हालांकि, मीडिया सेक्टर में कानूनी खींचतान बनी रहती है, इसलिए बाजार विश्लेषक इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी भविष्य में होने वाले कानूनी खर्चों को कैसे मैनेज करती है।
आगे क्या?
यह विवाद दिवंगत फाइनेंसर Jeffrey Epstein को भेजे गए एक कथित पत्र से जुड़ी रिपोर्टिंग को लेकर शुरू हुआ था। जहाँ अख़बार का कहना है कि उनकी रिपोर्टिंग पेशेवर थी और उन्होंने ट्रम्प का पक्ष भी शामिल किया था, वहीं ट्रम्प की लीगल टीम ने इसे अपमानजनक बताया था। हालांकि अदालत का रुख सख्त रहा है, लेकिन ट्रम्प की टीम ने अब इस फैसले को अपील में चुनौती देने का संकेत दिया है। यदि निचली अदालत का यह फैसला आगे जाकर पलटता है, तो News Corp के लिए अनिश्चितता फिर से बढ़ सकती है।
