Times Music ने तेज की अपनी रणनीति
Times Music, Primary Wave Music के साथ अपनी ग्लोबल पार्टनरशिप का फायदा उठाते हुए, Catrack Entertainment के अधिग्रहण के ज़रिए अपने रीजनल म्यूजिक राइट्स (Regional Music Rights) को खरीदने की रणनीति में तेज़ी ला रही है। यह कंपनी का तीसरा बड़ा म्यूजिक कैटलॉग (Music Catalog) अधिग्रहण है, जिसके बाद ARC Musicq और Symphony Recording Co. जैसे अधिग्रहण भी शामिल हैं।
यह डील Times Music के उस फोकस्ड अप्रोच को दर्शाती है जहाँ वे भारत के विविध म्यूजिक इंडस्ट्री में म्यूजिक एसेट्स (Music Assets) को हासिल करने पर ज़ोर दे रहे हैं। ग्लोबल म्यूजिक एक्सपर्ट Primary Wave Music के साथ मिलकर, Times Music बड़े फंड का इस्तेमाल करके पुराने म्यूजिक कैटलॉग के लिए एक भरोसेमंद खरीदार के तौर पर अपनी पहचान बना रही है। 100 मिलियन डॉलर से अधिक की वैल्यू वाले इस ज्वाइंट वेंचर (Joint Venture) का मकसद स्थापित भारतीय म्यूजिक राइट्स को खरीदना है, और Catrack का 1990 के दशक का पंजाबी म्यूजिक कैटलॉग इसका एक बड़ा उदाहरण है।
पंजाबी म्यूजिक से वैल्यू कैसे निकालेंगे?
इस डील के ज़रिए, 1990 के दशक में पंजाबी संगीत के व्यावसायिक दौर के सांस्कृतिक रूप से समृद्ध म्यूजिक कैटलॉग को Times Music के कलेक्शन में जोड़ा गया है। बाबबू मान (Babbu Maan) और मलकीत सिंह (Malkit Singh) जैसे कलाकारों के इस पुराने संगीत में पैसा बनाने की ज़बरदस्त क्षमता है। इसे स्ट्रीमिंग सर्विसेज़ (Streaming Services) पर ज़्यादा चलाया जा सकता है, फिल्मों और वेब सीरीज़ के लिए लाइसेंस (License) किया जा सकता है, ब्रांड्स के साथ कोलैबोरेशन (Collaboration) किया जा सकता है, और युवा पीढ़ी के लिए नए वर्जन भी बनाए जा सकते हैं।
खुद पंजाबी म्यूजिक मार्केट में 2025 तक लाइव कॉन्सर्ट्स (Live Concerts) के ज़रिए बड़ा रेवेन्यू (Revenue) जेनरेट करने के साथ मज़बूत ग्रोथ देखी गई है। Times Music का प्लान इस कैटलॉग को दुनिया भर के नए श्रोताओं तक पहुंचाकर इसकी पहचान बढ़ाना है।
मार्केट की ग्रोथ और बाकी कंपनियों की रणनीति
Times Music, भारत के डायनामिक म्यूजिक मार्केट में सक्रिय है, जिसके 2026 तक ₹37 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, और यह सालाना 14.7% की दर से बढ़ रहा है। बड़े पैमाने पर स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया के इस्तेमाल के चलते, डिजिटल रेवेन्यू पहले से ही कुल म्यूजिक मार्केट का 87% है।
इस बदलते बाज़ार में, Saregama जैसी कंपनियाँ भी म्यूजिक कंटेंट खरीद रही हैं। Saregama विभिन्न भारतीय भाषाओं में नया म्यूजिक खरीदने के लिए अगले तीन साल में ₹1,000 करोड़ का निवेश कर रही है और हाल ही में इसने कई महत्वपूर्ण रीजनल कैटलॉग खरीदे हैं। T-Series, जो भारत का सबसे बड़ा म्यूजिक लेबल है, का रेवेन्यू 2023-2024 फाइनेंशियल ईयर में गिरा है, वहीं Universal Music India और Warner Music India जैसी इंटरनेशनल कंपनियाँ मजबूत ग्रोथ दिखा रही हैं, जो भारत को एक महत्वपूर्ण बाज़ार मानती हैं।
Times Music द्वारा स्थापित रीजनल म्यूजिक कलेक्शन्स को खरीदना, लोकल भाषा के कंटेंट की बढ़ती मांग का फायदा उठाने में मदद करता है। उदाहरण के लिए, रीजनल म्यूजिक स्ट्रीमिंग में FY20-23 के बीच सालाना 14% की दर से ग्रोथ हुई है। कुल मिलाकर, भारत का मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर 2025 में 9% बढ़कर ₹2.78 ट्रिलियन तक पहुँच गया, जो म्यूजिक राइट्स हासिल करने में काफी संभावनाएं दिखाता है।
चुनौतियां और जोखिम
हालांकि, चुनौतियां बनी हुई हैं। भारत के मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में कई डील्स (Deals) हुईं, लेकिन 2025 में बड़ी अधिग्रहणों (Acquisitions) की कमी के कारण इन डील्स का कुल मूल्य कम हो गया। यह अधिग्रहणों के ज़रिए महत्वपूर्ण ग्रोथ हासिल करने में संभावित कठिनाइयों का संकेत देता है। Times Music की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कितनी अच्छी तरह पुराने म्यूजिक राइट्स से पैसा बना पाती है, खासकर तेज़ी से बदलते डिजिटल वर्ल्ड में जहाँ लोगों की पसंद तेजी से बदल सकती है।
पुराने कैटलॉग पर ज़्यादा निर्भर रहने का मतलब नए ट्रेंड्स या कलाकारों को मिस करना भी हो सकता है। Saregama जैसी एक्टिव कंपनियों से मुकाबला भी टॉप म्यूजिक एसेट्स को हासिल करने की रेस को और कड़ा बनाता है। इसके अलावा, मार्केट को रेगुलेटरी (Regulatory) बाधाओं का भी सामना करना पड़ रहा है, जैसा कि Sony-Zee के असफल मर्जर (Merger) से पता चला, जिसने कंपनियों के मैनेजमेंट के जोखिमों को उजागर किया।
Times Music की रणनीति का भविष्य
Primary Wave के ग्लोबल नेटवर्क और फंड के सपोर्ट से, Times Music की म्यूजिक राइट्स खरीदने की सक्रिय रणनीति, भारतीय संगीत की ऑनलाइन और ग्लोबल ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए उसे अच्छी स्थिति में रखती है। महत्वपूर्ण रीजनल म्यूजिक कलेक्शन्स पर फोकस करना प्रमुख मार्केट ट्रेंड्स के अनुरूप है और कंटेंट खरीदने व म्यूजिक राइट्स से कमाई करने में लगातार निवेश का संकेत देता है। जैसे-जैसे भारत का म्यूजिक मार्केट बढ़ेगा और इसकी विभिन्न म्यूजिक स्टाइल्स में ग्लोबल रुचि बढ़ेगी, Times Music की अधिग्रहण योजना अच्छे रिटर्न देने के लिए तैयार है, बशर्ते वह इंटीग्रेशन (Integration) की चुनौतियों और श्रोताओं की बदलती पसंद को मैनेज कर सके।
