Tamil Nadu के फिल्म प्रोड्यूसर्स ने 1 सितंबर 2026 से नई फिल्मों की रिलीज और शूटिंग रोकने का ऐलान किया है। थियेटर और ओटीटी (OTT) विंडो को लेकर चल रहा विवाद अब बड़ा रूप ले चुका है, जिससे इंडस्ट्री का रेवेन्यू मॉडल खतरे में है।
विवाद की जड़: क्या है 8 हफ्ते का नियम?
तमिल फिल्म इंडस्ट्री में इस वक्त घमासान मचा है। Tamil Film Producers Council और Tamil Nadu Active Producers Association ने घोषणा की है कि 1 सितंबर 2026 से नई फिल्मों की रिलीज, शूटिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन का काम पूरी तरह बंद रहेगा। यह कदम Tamil Nadu Theatre Owners Association की उस मांग के विरोध में उठाया गया है, जिसमें थियेटर और डिजिटल प्लेटफॉर्म (OTT) रिलीज के बीच 8 हफ्ते का अनिवार्य गैप रखने की बात कही गई है। अब तक यह विंडो केवल 4 हफ्ते की रही है।
क्यों विरोध कर रहे हैं प्रोड्यूसर्स?
थियेटर मालिकों का तर्क है कि गैप कम होने से दर्शक सिनेमाघरों तक नहीं आते। हालांकि, प्रोड्यूसर्स के लिए यह एक बड़ा आर्थिक झटका है। फिल्म रिलीज से पहले OTT प्लेटफॉर्म्स के साथ होने वाले एग्रीमेंट प्रोड्यूसर्स की कमाई का बड़ा जरिया होते हैं। 8 हफ्ते के इंतजार का मतलब है कि कंटेंट की वैल्यू कम हो जाएगी, जिससे डील की रकम घट सकती है।
लिक्विडिटी का संकट और भविष्य
विवाद केवल रिलीज विंडो तक सीमित नहीं है। प्रोड्यूसर्स ने यह भी आरोप लगाया है कि डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा एडवांस पेमेंट रोकने से इंडस्ट्री में कैश-क्रंच (liquidity crunch) की स्थिति पैदा हो गई है। अगर यह तालाबंदी लंबी खिंची, तो राज्य की इकोनॉमी पर भी असर पड़ेगा और हजारों दिहाड़ी मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट आ जाएगा। फिलहाल, इंडस्ट्री ने मदद के लिए Tamil Nadu सरकार का दरवाजा खटखटाया है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या सरकार कोई बीच का रास्ता निकाल पाती है या सिनेमाघर खाली रहेंगे।
