TRAI ने 12 मिनट के विज्ञापन की सीमा के उल्लंघन पर प्रमुख ब्रॉडकास्टर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किए

MEDIA-AND-ENTERTAINMENT
Whalesbook Logo
AuthorAkshat Lakshkar|Published at:
TRAI ने 12 मिनट के विज्ञापन की सीमा के उल्लंघन पर प्रमुख ब्रॉडकास्टर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किए
Overview

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने प्रमुख टेलीविजन ब्रॉडकास्टर्स, जिनमें ज़ी एंटरटेनमेंट, सन टीवी नेटवर्क और नेटवर्क18 शामिल हैं, को प्रति घंटा 12 मिनट की विज्ञापन सीमा के उल्लंघन के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इस कार्रवाई से एक दशक पुराना विवाद फिर से शुरू हो गया है, ब्रॉडकास्टर्स को जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। यह मामला फिलहाल विचाराधीन (sub judice) है, दिल्ली हाई कोर्ट ने 2013 में ब्रॉडकास्टर्स को अंतरिम राहत दी थी।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने प्रमुख भारतीय टेलीविजन ब्रॉडकास्टर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिसों में 2012 में पेश किए गए 12 मिनट प्रति घंटा विज्ञापन सीमा के उल्लंघन का आरोप है। ब्रॉडकास्टर्स को अब 15 दिनों के भीतर यह बताना होगा कि 2012 के विज्ञापन कैप नियमों के तहत उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। यह कदम एक दशक से अधिक समय से चल रहे मुकदमेबाजी वाले विवाद को फिर से खोलता है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पहले 2013 में ब्रॉडकास्टर्स को अंतरिम राहत दी थी, जिसे TRAI अब रद्द करवाना चाहता है। इस मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी, 2026 को निर्धारित है। कारण बताओ नोटिस जियोस्टार और ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड, कलवर मैक्स एंटरटेनमेंट (सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया), और सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड जैसे प्रमुख मनोरंजन नेटवर्कों को भेजे गए हैं। न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स टीवी टुडे नेटवर्क, नेटवर्क18, और ज़ी मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड भी प्रभावित हुए हैं। इन नोटिसों का समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि TAM AdEx डेटा के अनुसार, 2025 के पहले नौ महीनों के दौरान टेलीविजन विज्ञापन की मात्रा में साल-दर-साल 10% की गिरावट दर्ज की गई है। उद्योग के अधिकारियों का इस गिरावट का कारण उपभोक्ता मांग में कमी और FMCG कंपनियों द्वारा विज्ञापन बजट में कटौती को बताना है, जो इस क्षेत्र के प्रमुख विज्ञापनदाता हैं। यह नियामक दबाव ऐसे समय में आया है जब ब्रॉडकास्टर्स के राजस्व पर पहले से ही दबाव है। वित्त वर्ष 25 के लिए, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने विज्ञापन आय में 11% की गिरावट दर्ज कर 3,591 करोड़ रुपये बताई। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया में 9% की गिरावट के साथ 2,606 करोड़ रुपये, जबकि सन टीवी नेटवर्क में 4% की कमी के साथ 1,440 करोड़ रुपये दर्ज किए गए। TRAI, TRAI अधिनियम और सेवा की गुणवत्ता के मानक (टेलीविजन चैनलों में विज्ञापनों की अवधि) विनियम, 2012 के तहत अपना अधिकार जता रहा है। नियामक ने अपने 2013 के आदेश का भी उल्लेख किया, जिसमें ब्रॉडकास्टर्स को अपने सभी चैनलों के लिए साप्ताहिक विज्ञापन अवधि डेटा जमा करने का आदेश दिया गया था। नियामक परिदृश्य को और बढ़ाते हुए, सूचना और प्रसारण मंत्रालय टेलीविजन दर्शक माप के लिए नए नियम प्रस्तावित कर रहा है, जिसमें अनिवार्य कनेक्टेड टीवी (CTV) दर्शक संख्या की रिपोर्टिंग और लैंडिंग पेज दर्शक संख्या को बाहर करना शामिल हो सकता है। उद्योग के अंदरूनी सूत्रों का सुझाव है कि ये समानांतर नियामक कार्रवाइयां ब्रॉडकास्टर्स की दर्शक रेटिंग और मुद्रीकरण मॉडल को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकती हैं। प्रभाव: इस नियामक कार्रवाई का प्रमुख भारतीय टेलीविजन ब्रॉडकास्टर्स की राजस्व धाराओं और परिचालन रणनीतियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। बढ़ी हुई जुर्माना या सख्त प्रवर्तन लाभप्रदता और विज्ञापन राजस्व को प्रभावित कर सकते हैं। चल रहे मुकदमेबाजी की अनिश्चितता और दर्शक माप नियमों में संभावित परिवर्तनों के आसपास अनिश्चितता इन कंपनियों के प्रति निवेशक की भावना को भी प्रभावित कर सकती है। रेटिंग: 7/10।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.