Sunshine Pictures ने अपने ₹282.14 करोड़ के IPO से ठीक पहले नौ एंकर निवेशकों से ₹84.64 करोड़ जुटा लिए हैं। यह पब्लिक इश्यू 18 से 20 अगस्त, 2026 तक खुलेगा, जिसमें शेयर की कीमत ₹342–₹360 प्रति शेयर के बीच रहेगी। कंपनी जुटाए गए फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से वर्किंग कैपिटल के लिए करना चाहती है।
एंकर निवेशकों ने दिखाया भरोसा
'The Kerala Story' जैसी फिल्मों के पीछे की प्रोडक्शन हाउस Sunshine Pictures ने 17 अगस्त, 2026 को इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स से ₹84.64 करोड़ की एंकर बुक फाइनल कर ली है। यह फंड जुटाना कंपनी के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से ठीक पहले हुआ है, जो 18 से 20 अगस्त, 2026 तक आम जनता के लिए खुलेगा।
एंकर राउंड में Uni Growth Fund, Khandelwal Finance और Zeal Global Opportunities Fund जैसे नौ निवेशकों ने भाग लिया। कंपनी ने इन पार्टिसिपेंट्स को ₹360 प्रति शेयर के भाव पर 23.51 लाख शेयर आवंटित किए, जो पब्लिक ऑफर के लिए तय प्राइस बैंड का ऊपरी स्तर है।
IPO का पूरा प्लान
कुल IPO साइज़ ₹282.14 करोड़ का है। इसमें ₹172.80 करोड़ का फ्रेश इश्यू और मौजूदा प्रमोटर्स द्वारा ₹109.34 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल है। कंपनी का कहना है कि फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम का एक बड़ा हिस्सा वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें फिल्मों के प्रोडक्शन से जुड़े रोजमर्रा के खर्चे, जैसे मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और प्रोडक्शन फीस शामिल हैं।
कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन
फाइनेंशियल की बात करें तो, कंपनी ने मार्च 2026 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹74.73 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹40.02 करोड़ का स्टैंडअलोन प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन काफी मजबूत हैं, जिसमें प्रॉफिट-आफ्टर-टैक्स (PAT) मार्जिन लगभग 53.77% और EBITDA मार्जिन 78.65% है। इसके अलावा, कंपनी पर कर्ज का बोझ भी बहुत कम है, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.06x है। यह बैलेंस शीट की मजबूती चाहने वाले निवेशकों के लिए एक आकर्षक पॉइंट हो सकता है।
इंडस्ट्री के जोखिमों पर भी करें गौर
हालांकि, निवेशकों को फिल्म प्रोडक्शन बिजनेस से जुड़े खास जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। इस सेक्टर में रेवेन्यू अक्सर वोलेटाइल और 'लम्पी' होता है, यानी यह कुछ चुनिंदा फिल्मों की कमर्शियल सफलता पर बहुत निर्भर करता है। अगर कोई प्रोजेक्ट दर्शकों को पसंद नहीं आता है, तो यह कंपनी के सालाना फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर बुरा असर डाल सकता है। यह बिजनेस कस्टमर कंसंट्रेशन के जोखिम का भी सामना करता है, क्योंकि यह कुछ चुनिंदा स्टूडियो और डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ पार्टनरशिप पर निर्भर करता है, और क्रिएटिव टैलेंट को आकर्षित करने और बनाए रखने की क्षमता पर भी इसका दारोमदार होता है।
बाजार की नजरें इस बात पर रहेंगी कि पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए इश्यू खुलने पर सब्सक्रिप्शन नंबर्स कैसे रहते हैं। 20 अगस्त को सब्सक्रिप्शन पीरियड बंद होने के बाद, कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 25 अगस्त, 2026 को होने की उम्मीद है। निवेशकों का अंतिम फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि बाजार इस अनिश्चित उद्योग में अपनी प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की कंपनी की क्षमता को कैसे आंकता है।
