Sports Broadcasting: स्ट्रीमिंग दिग्गजों का दबदबा, एशिया के 50% स्पोर्ट्स राइट्स पर कब्जा

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AuthorMehul Desai|Published at:
Sports Broadcasting: स्ट्रीमिंग दिग्गजों का दबदबा, एशिया के 50% स्पोर्ट्स राइट्स पर कब्जा

एशिया के स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग मार्केट में अब डिजिटल स्ट्रीमिंग कंपनियों का राज है, जिन्होंने पारंपरिक केबल को पीछे छोड़ते हुए बाजार के 50% हिस्से पर कब्जा जमा लिया है।

बाजार में बदलाव की बयार

एशियाई स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग के परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है। अब टीवी केबल का जमाना पीछे छूट रहा है और JioHotStar और Tencent जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का बोलबाला है। बीते कुछ वर्षों में इन कंपनियों के बीच स्पोर्ट्स कंटेंट के लिए बड़ी बोलियां लगाने की होड़ मची थी, जिससे राइट्स की कीमतें आसमान छू रही थीं।

अब मुनाफे पर नजर

हालांकि, बाजार के नए आंकड़ों और एनालिस्ट्स की मानें तो यह दौर अब ठंडा पड़ रहा है। अब तक की आक्रामक बोली से हटकर कंपनियां 1% से 2% की सालाना ग्रोथ दर की ओर बढ़ रही हैं। 2030 तक का अनुमान यही कहता है कि अब कंपनियों का फोकस नए सब्सक्राइबर्स जोड़ने से ज्यादा लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी और कर्ज को मैनेज करने पर रहेगा।

बड़े खिलाड़ियों की रणनीति

भारत में Reliance Industries और Disney का जॉइंट वेंचर 'JioHotStar' क्रिकेट राइट्स के जरिए अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। वहीं चीन में Tencent, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च के साथ स्पोर्ट्स मीडिया में संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। कुल मिलाकर $16.2 बिलियन की इस एशियाई स्पोर्ट्स इकोनॉमी में अब निवेश को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

मीडिया कंपनियों पर भारी कर्ज का दबाव है, साथ ही तकनीक में निवेश और बदलती सरकारी रेगुलेटरी पॉलिसीज निवेशकों के लिए एक बड़ा रिस्क फैक्टर बनी हुई हैं। आने वाले समय में ये कंपनियां कंटेंट की मात्रा के बजाय प्रति यूजर रेवेन्यू बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान देंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.