Spotify ने अपने पॉडकास्ट मोनेटाइजेशन प्रोग्राम को 35 नए क्षेत्रों में लॉन्च करने का ऐलान किया है, जिससे क्रिएटर्स अब ऑडियो और वीडियो स्ट्रीम से पैसे कमा सकेंगे। YouTube को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में जुटी कंपनी के लिए यह कदम एड-रेवेन्यू बढ़ाने की एक बड़ी रणनीति है।
ग्लोबल विस्तार की रणनीति
Spotify अब अपनी पहुंच को और व्यापक बना रहा है। कंपनी इस फॉल (Fall) में 35 और देशों में पॉडकास्ट मोनेटाइजेशन प्रोग्राम शुरू करने जा रही है, जिसमें इटली, स्पेन, ब्राजील, मैक्सिको और कोलंबिया जैसे प्रमुख मार्केट शामिल हैं। इस विस्तार के जरिए कंपनी का फोकस क्रिएटर्स को प्रीमियम रेवेन्यू शेयरिंग और विज्ञापन इंप्रेशन (Advertising Impressions) के जरिए कमाई का मौका देना है।
वीडियो पर है खास जोर
कंपनी का पूरा फोकस वीडियो कंटेंट पर है। आंकड़े बताते हैं कि साल 2022 से प्लेटफॉर्म पर वीडियो पॉडकास्ट की खपत में 140% का भारी उछाल आया है। क्रिएटर्स को वीडियो मोनेटाइजेशन की सुविधा देकर Spotify यह सुनिश्चित करना चाहता है कि वे किसी दूसरे प्लेटफॉर्म पर न जाएं।
पात्रता और प्रदर्शन के आंकड़े
इस प्रोग्राम का हिस्सा बनने के लिए कुछ सख्त नियम भी तय किए गए हैं। क्रिएटर्स के पास कम से कम 3 पब्लिश्ड एपिसोड, 2,000 कंजम्पशन आवर्स और 30 दिनों में 1,000 लिसनर्स होने जरूरी हैं। कंपनी का कहना है कि इन सख्त मानदंडों के कारण पहले से ही सक्रिय बाजारों में भागीदारी वाले शोज की खपत में औसतन 45% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बिजनेस मॉडल और चुनौतियां
Spotify अब सब्सक्रिप्शन के अलावा अपनी कमाई के स्रोतों में विविधता ला रहा है, ताकि कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी और ग्रॉस मार्जिन में सुधार हो सके। हालांकि, राह आसान नहीं है। कंपनी को YouTube जैसे दिग्गजों से कड़ी टक्कर मिल रही है। इसके अलावा, कंटेंट मॉडरेशन और एडवरटाइजिंग मानकों को बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती होगी। निवेशकों की नजर अब आने वाले तिमाही नतीजों पर होगी कि क्या यह विस्तार वास्तव में कंपनी के एड-रेवेन्यू में बड़ी ग्रोथ ला पाता है या नहीं।
