Spotify अब अपने **75 करोड़** यूजर्स को लुभाने के लिए **180** वैश्विक बाजारों में ऑडियोबुक सर्विस लॉन्च कर रही है। Amazon के Audible को मात देने के लिए कंपनी ने एक नया टायर्ड सब्सक्रिप्शन मॉडल अपनाया है, जो भविष्य की कमाई का जरिया बन सकता है।
बड़े विस्तार की तैयारी
Spotify ने तय किया है कि 2026 के अंत तक वह अपनी ऑडियोबुक सर्विस को 180 से ज्यादा देशों में पहुंचा देगी। कंपनी अपने 75 करोड़ म्यूजिक और पॉडकास्ट सुनने वाले यूजर्स को डिजिटल बुक्स के प्रति आकर्षित करने की कोशिश में है। फिलहाल, इस प्लेटफॉर्म पर 120 से ज्यादा भाषाओं में 3.5 लाख टाइटल्स मौजूद हैं, जिसके लिए 300 से अधिक पब्लिशर्स के साथ पार्टनरशिप की गई है।
रेवेन्यू और सब्सक्रिप्शन मॉडल
कंपनी ने इस सर्विस के लिए एक खास रणनीति बनाई है। प्रीमियम सब्सक्राइबर्स को हर महीने 12 घंटे की लिसनिंग लिमिट दी जाएगी, वहीं अलग से 'Audiobook+' सब्सक्रिप्शन और स्टूडेंट्स के लिए खास ऑफर भी पेश किए जा रहे हैं। फाइनेंशियल मोर्चे पर देखें तो इस सेगमेंट में 10 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स जुड़ चुके हैं और कंपनी $10 करोड़ से ज्यादा का सालाना रेवेन्यू (ARR) हासिल कर चुकी है। खबर लिखे जाने तक Spotify का शेयर $490 के करीब ट्रेड कर रहा है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
हालांकि यह विस्तार रेवेन्यू बढ़ाने वाला है, लेकिन निवेशकों को कंटेंट लाइसेंसिंग की भारी लागत (High Licensing Cost) पर नजर रखनी होगी। म्यूजिक के मुकाबले ऑडियोबुक्स के रॉयल्टी एग्रीमेंट ज्यादा महंगे और जटिल होते हैं। अगर कंटेंट की लागत तेजी से बढ़ती है, तो इसका सीधा असर कंपनी के ग्रॉस मार्जिन पर पड़ सकता है। इसके अलावा, Amazon जैसे पुराने खिलाड़ियों से मुकाबला करना और यूजर्स को लंबे समय तक टिके रहने के लिए प्रेरित करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी।
