साउथ के सुपरस्टार्स की ब्रांड वैल्यू में झटका! 2025 की रिपोर्ट में लोकप्रियता से पीछे

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
साउथ के सुपरस्टार्स की ब्रांड वैल्यू में झटका! 2025 की रिपोर्ट में लोकप्रियता से पीछे

इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि साउथ इंडियन सिनेमा के सितारों ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़े हैं। लेकिन 2025 की क्रॉल (Kroll) सेलिब्रिटी ब्रांड वैल्यूएशन रिपोर्ट को देखें तो, ज्यादातर बड़े मेल एक्टर्स इस लिस्ट में जगह बनाने में नाकाम रहे हैं। वहीं, रश्मिका मंदाना और सामंथा रुथ प्रभु जैसी अभिनेत्रियां टॉप-25 में शामिल हैं। यह दिखाता है कि कैसे बड़े पर्दे की सफलता को राष्ट्रीय एंडोर्समेंट डील्स में बदलना एक बड़ी चुनौती है।

साउथ सिनेमा का बॉक्स ऑफिस जलवा, पर एंडोर्समेंट में क्यों पिछड़ रहे?

साउथ इंडियन सिनेमा ने पूरे देश में बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाया है, लेकिन इसका असर इन फिल्मों के स्टार्स की ब्रांड वैल्यू पर उतना नहीं दिख रहा है। 2025 क्रॉल सेलिब्रिटी ब्रांड वैल्यूएशन रिपोर्ट (2025 Kroll Celebrity Brand Valuation Report) के मुताबिक, बड़े पर्दे पर स्टारडम और विज्ञापन की दुनिया में तगड़ी ब्रांड वैल्यू बनाने के बीच एक बड़ा अंतर है, खासकर साउथ के मेल एक्टर्स के लिए।

जहाँ बॉलीवुड के बड़े सितारे टॉप पर बने हुए हैं, वहीं साउथ से सिर्फ दो ही सितारे - रश्मिका मंदाना और सामंथा रुथ प्रभु - टॉप 25 की लिस्ट में अपनी जगह बना पाए हैं। रश्मिका 12वें पायदान पर $75.2 मिलियन की ब्रांड वैल्यू के साथ हैं, तो वहीं सामंथा 21वें नंबर पर $43.1 मिलियन वैल्यू के साथ हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि कई ऐसे मेल एक्टर्स, जो पैन-इंडिया फिल्मों के कारण पूरे देश में पहचाने जाते हैं, वे इस साल की टॉप ब्रांड वैल्यूएशन रैंकिंग से गायब हैं।

कमाई का अंतर (Monetization Gap)

निवेशकों और मीडिया एनालिस्ट्स के लिए यह ट्रेंड एक बड़ी बात है। यह दिखाता है कि बॉक्स ऑफिस पर सफलता और एंडोर्समेंट से होने वाली कमाई के बीच कितना फर्क है। बॉक्स ऑफिस पर परफॉरमेंस फिल्म के साथ बदलती रहती है, लेकिन सेलिब्रिटी ब्रांड वैल्यू लगातार नेशनल कंज्यूमर ब्रांड्स, लाइफस्टाइल और डिजिटल एंगेजमेंट से बनती है।

इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि साउथ के एक्टर्स ने पैन-इंडिया प्रोजेक्ट्स से बड़ी पहचान बनाई है, लेकिन उन्होंने अभी तक बॉलीवुड के सितारों जैसा नेशनल एंडोर्समेंट इकोसिस्टम नहीं बनाया है। विज्ञापनदाता अक्सर उन सेलिब्रिटीज को पसंद करते हैं जो मीडिया में लगातार बने रहते हैं। मुंबई में बॉलीवुड का मजबूत मीडिया इंफ्रास्ट्रक्चर इसे आसान बनाता है, जहाँ फिल्म, फैशन और पर्सनल लाइफ की खबरें लगातार नेशनल न्यूज का हिस्सा बनती हैं। इस वजह से बॉलीवुड एक्टर्स को नेशनल कैंपेन के लिए एक 'सुरक्षित' दांव माना जाता है।

बॉलीवुड का एंडोर्समेंट पर दबदबा क्यों?

शाहरुख खान, जिनकी ब्रांड वैल्यू $177.9 मिलियन है, के साथ टॉप पर बॉलीवुड काबिज है। इसकी वजह है ब्रांड बनाने का एक सिस्टमैटिक तरीका। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सितारे हमेशा से एक्टिंग के अलावा दूसरे क्षेत्रों में भी अपना पोर्टफोलियो बढ़ाते रहे हैं, जिससे वे नेशनल एडवरटाइजर्स के लिए ज्यादा सुलभ हो जाते हैं।

इसके विपरीत, साउथ के एक्टर्स ट्रेडिशनल रूप से अपने प्रोफेशनल अचीवमेंट्स पर ज्यादा ध्यान देते हैं। उनके सोशल मीडिया पेज अक्सर फिल्म प्रमोशन के लिए होते हैं, न कि लाइफस्टाइल या पर्सनल ब्रांडिंग के लिए। इस वजह से नेशनल एडवरटाइजिंग मार्केट में उनकी पहुंच सीमित हो जाती है। एडवरटाइजर्स ऐसे सेलिब्रिटीज चाहते हैं जो लाइफस्टाइल, फैशन और रोजमर्रा की कंजम्पशन की आदतों को प्रभावित कर सकें। हालांकि, अब चीजें बदल रही हैं और साउथ के एक्टर्स अपना डिजिटल फुटप्रिंट बढ़ा रहे हैं, लेकिन रीजनल से नेशनल ब्रांड आइकन बनने के लिए क्रॉस-लैंग्वेज पहचान और एंडोर्समेंट शूट्स के लिए लगातार उपलब्धता पर ज्यादा फोकस करना होगा।

रिस्क और आगे की निगरानी

इंडियन मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर के लिए यह एक रिस्क है कि अगर पैन-इंडिया सिनेमा सिर्फ 'स्पेक्टेकल' पर निर्भर रहा और स्टार इक्विटी नहीं बनाई, तो शायद यह अपनी रफ्तार बनाए न रख पाए। अगर किसी स्टार की ब्रांड वैल्यू उनकी फिल्म की पॉपुलैरिटी के साथ नहीं बढ़ी, तो वे बॉक्स ऑफिस के उतार-चढ़ाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। अगर उन्होंने लॉन्ग-टर्म ब्रांड पार्टनरशिप के जरिए कमाई के अलग-अलग जरिया नहीं बनाए, तो एक भी फ्लॉप फिल्म उनकी कमाई की क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।

निवेशकों और इंडस्ट्री पर नजर रखने वालों को यह देखना होगा कि ये एक्टर्स अपनी डिजिटल स्ट्रेटेजी को कैसे बदलते हैं। एक्ट्रेसेस ने पहले ही फैशन और लाइफस्टाइल कंटेंट की तरफ बढ़कर ब्रांड वैल्यू के गैप को पाटने में सफलता पाई है। अब यह देखना होगा कि क्या मेल एक्टर्स भी अपने सोशल मीडिया अप्रोच को बदलकर और नेशनल कैंपेन के लिए अपनी उपलब्धता बढ़ाकर इस सफलता को दोहरा पाते हैं। यह आने वाले तिमाहियों में इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.