KBC का बदला गेम प्लान! अब 80% कमाई ब्रांड स्पॉन्सरशिप से, जानें क्या है Sony का नया दांव

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AuthorAditya Rao|Published at:
KBC का बदला गेम प्लान! अब 80% कमाई ब्रांड स्पॉन्सरशिप से, जानें क्या है Sony का नया दांव

कौन बनेगा करोड़पति (KBC) ने अपने विज्ञापन रेवेन्यू मॉडल में बड़ा बदलाव किया है। अब शो से होने वाली कुल कमाई का **80%** ब्रांड स्पॉन्सरशिप और कस्टम इंटीग्रेशन से आ रहा है, जो 4 साल पहले सिर्फ **50%** था। यह कदम Sony को मुश्किल एड मार्केट में भी एडवांस बुकिंग पक्की करने में मदद कर रहा है।

KBC की कमाई का नया फॉर्मूला

'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) भारत के सबसे बड़े टीवी शोज में से एक है, जिसने अब अपने विज्ञापन से पैसे कमाने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। पहले जहां पारंपरिक 'स्पॉट एडवर्टाइजिंग' यानी छोटे-छोटे विज्ञापन स्लॉट बेचने पर जोर रहता था, वहीं अब शो की 80% कमाई सीधे ब्रांड स्पॉन्सरशिप और शो के कंटेंट में खास तौर पर डिजाइन किए गए इंटीग्रेशन से हो रही है। यह चार साल पहले के 50% के आंकड़े से एक बड़ा उछाल है। Sony Pictures Networks India इस बदलाव के जरिए ब्रांड्स को सिर्फ स्क्रीन पर दिखने से आगे बढ़कर, सीधे शो के अनुभव का हिस्सा बनाने पर फोकस कर रहा है।

इंडस्ट्री दबाव के बीच बड़ी रणनीति

हाल के समय में भारतीय टीवी विज्ञापन बाजार पर काफी दबाव रहा है। रेटिंग्स को लेकर अनिश्चितता और फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर की ओर से धीमी विज्ञापन खर्चिंग ने इस सेक्टर को प्रभावित किया है। ऐसे में, KBC के लिए यह 'कस्टम इंटीग्रेशन' वाला मॉडल बड़े ब्रांड्स को आकर्षित कर रहा है, जो सिर्फ ऐड दिखाने की बजाय दर्शकों के साथ गहरा जुड़ाव चाहते हैं। इस नए तरीके से Sony आने वाले 120 एपिसोड वाले सीजन के लिए एडवांस में कमिटमेंट हासिल कर पा रहा है, जिससे रेवेन्यू की अच्छी-खासी विजिबिलिटी बन गई है।

एडवांस बुकिंग और नए स्पॉन्सर्स

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Sony ने 20 से ज्यादा बड़े स्पॉन्सर्स को साइन कर लिया है। लॉन्च डेट (अगस्त 10) से पहले ही 80% से 85% तक का विज्ञापन इन्वेंट्री बुक हो चुका है। यह प्री-सेलिंग स्ट्रैटेजी कंपनी को अस्थिर स्पॉट मार्केट पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी। खास बात यह है कि KBC ने टेक्नोलॉजी और क्लीन एनर्जी जैसी नई कंपनियों को भी स्पॉन्सरशिप के लिए आकर्षित किया है, जो इसके विज्ञापन बेस के विविधीकरण (diversification) को दर्शाता है।

मल्टी-प्लेटफॉर्म एंगेजमेंट और कैटेगरी ट्रेंड्स

आजकल दर्शक सिर्फ टीवी तक सीमित नहीं हैं, इसलिए क्रॉस-प्लेटफॉर्म एडवरटाइजिंग की डिमांड भी बढ़ी है। KBC के लगभग 50% से 55% बड़े पार्टनरशिप अब टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म दोनों पर इंटीग्रेटेड कैंपेन चला रहे हैं। Google Gemini, PhonePe, Maruti, और BPCL जैसी कंपनियों ने इन मल्टी-टचपॉइंट वाले कैंपेन को चुना है। हालांकि, फाइनेंशियल सर्विसेज (BFSI) सेक्टर अभी भी रेवेन्यू का सबसे बड़ा हिस्सा दे रहा है, लेकिन टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल ब्रांड्स का जुड़ना यह दिखाता है कि प्रीमियम एंटरटेनमेंट प्रॉपर्टीज को मोनेटाइज करने का तरीका बदल रहा है।

आगे की राह और चिंताएं

KBC के स्पॉन्सरशिप मॉडल को लेकर उत्साह तो है, लेकिन मीडिया सेक्टर के लिए आने वाले त्योहारी सीजन का आउटलुक अभी भी थोड़ा सतर्क है। ऐसा कई सालों से चली आ रही धीमी मांग के कारण है। इन्वेस्टर्स इस बात पर नजर रखेंगे कि यह स्पॉन्सरशिप-केंद्रित रेवेन्यू मॉडल नेटवर्क के प्रॉफिट मार्जिन पर कैसा असर डालता है। इंडस्ट्री के लिए एक अहम सवाल यह भी है कि क्या कस्टम, हाई-वैल्यू इंटीग्रेशन का यह मॉडल तब भी टिकाऊ रहेगा, जब तक FMCG की मांग में बड़ी वापसी नहीं होती।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.