Sony LIV अब नए वेब सीरीज़ के प्रोडक्शन को धीमा कर रहा है। प्लेटफॉर्म अब पुराने टीवी शोज़ और स्पोर्ट्स कंटेंट पर ज़्यादा ध्यान देगा। यह बड़ा बदलाव तब आया है जब पैरेंट कंपनी SPNI ने FY26 के लिए **16%** की बढ़ोतरी के साथ **₹556 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू **4%** घट गया।
Sony LIV का कंटेंट पर नया दांव
Sony Pictures Networks India (SPNI) का स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म Sony LIV अपनी कंटेंट स्ट्रेटेजी में बड़े बदलाव कर रहा है। कंपनी अब नई वेब सीरीज़ का प्रोडक्शन काफी कम करने जा रही है। इसके बजाय, वो अपने स्थापित टीवी शोज़, नॉन-फिक्शन कंटेंट और स्पोर्ट्स प्रोग्रामिंग पर ज़्यादा रिसोर्स लगाने की तैयारी में है। यह कदम वॉल्यूम-आधारित कंटेंट अप्रोच से हटकर एक इंटीग्रेटेड मॉडल की ओर इशारा करता है, जो डिजिटल और टेलीविज़न ऑपरेशंस को एक साथ लाएगा।
'Scam' और 'Maharani' जैसे सफल वेब सीरीज़ में तो कंपनी निवेश जारी रखेगी, लेकिन अब 'Kaun Banega Crorepati' जैसे बड़े टीवी शोज़ पर ज़्यादा फोकस होगा। MD और CEO गौरव बनर्जी के नेतृत्व में, कंपनी एक प्लेटफॉर्म-एग्नॉस्टिक स्ट्रेटेजी लागू कर रही है, जिसका मकसद डिजिटल और टीवी बिज़नेस को अलग-अलग मानने की बजाय उन्हें एकीकृत करना है। इस बदलाव के तहत, कंपनी अपने रीजनल फुटप्रिंट को भी बढ़ाने की योजना बना रही है, जिसमें अक्टूबर 2026 में एक नया तमिल चैनल 'Sony VIZHA' लॉन्च किया जाएगा।
वित्तीय नतीजे और स्पोर्ट्स का जलवा
यह स्ट्रेटेजी बदलाव कंपनी के FY26 के वित्तीय प्रदर्शन के साथ मेल खाता है। SPNI ने नेट प्रॉफिट में 16% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो बढ़कर ₹556.10 करोड़ हो गया। इस बढ़ोतरी में कंपनी के प्रीमियम स्पोर्ट्स पोर्टफोलियो का बड़ा योगदान रहा, खासकर क्रिकेट, जिसने रेवेन्यू जनरेशन में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, रिपोर्ट ने डिजिटल सब्सक्रिप्शन सेगमेंट में दबाव को भी उजागर किया, जहाँ इस फाइनेंशियल ईयर में रेवेन्यू 4% घट गया।
इंडस्ट्री में रीकैलिब्रेशन का दौर
भारत का स्ट्रीमिंग इंडस्ट्री इस समय बजट रीकैलिब्रेशन के दौर से गुजर रहा है। मार्केट शेयर हासिल करने के लिए आक्रामक खर्च के पुराने दौर के बाद, अब प्लेटफॉर्म मुनाफे और लागत-दक्षता को प्राथमिकता दे रहे हैं। इंडस्ट्री की रिपोर्ट बताती हैं कि सब्सक्राइबर ग्रोथ और प्रीमियम कंटेंट के महंगे प्रोडक्शन की लागत को संतुलित करने की कोशिशों के चलते, इस सेक्टर में नए ओरिजिनल कंटेंट के प्रोडक्शन में कमी देखी जा रही है।
जोखिम और आगे की राह
कंपनी के लिए स्पोर्ट्स राइट्स पर भारी निर्भरता एक अलग जोखिम प्रोफाइल पेश करती है। ये राइट्स बड़ी ऑडियंस और विज्ञापन रेवेन्यू तो लाते हैं, लेकिन इनमें बड़े और लगातार कैपिटल इन्वेस्टमेंट की भी ज़रूरत होती है। अगर आने वाले स्पोर्ट्स टूर्नामेंट या राइट्स रिन्यूअल उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते, तो कंपनी के बॉटम लाइन पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, जैसे-जैसे प्लेटफॉर्म स्ट्रीमिंग और टेलीविज़न कंटेंट को मिलाकर एक हाइब्रिड मॉडल की ओर बढ़ रहा है, कंपनी के सामने लगातार एक्सक्लूसिव ओरिजिनल रिलीज़ के लुभावने वादे के बिना सब्सक्राइबर लॉयल्टी बनाए रखने की चुनौती है। निवेशक और दर्शक इस बात पर नज़र रखेंगे कि डिजिटल और टेलीविज़न कंटेंट का एकीकरण लॉन्ग-टर्म सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू को कैसे प्रभावित करता है और क्या पुराने शोज़ पर शिफ्ट करना पिछले फाइनेंशियल ईयर में आई गिरावट को सफलतापूर्वक कम कर पाता है।
