Sony Pictures Networks India के CEO गौरव बनर्जी ने CII Big Picture Summit में मनोरंजन जगत को AI-इनेबल्ड क्रिएटिव स्टैक अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने पुराने बिजनेस मॉडल को दरकिनार कर लंबे समय के लिए IP (इंटेलिजेंशियल प्रॉपर्टी) बनाने और IPL की तरह टैलेंट पाइपलाइन तैयार करने पर जोर दिया है।
मीडिया इंडस्ट्री में बदलाव की आहट
गौरव बनर्जी का मानना है कि मनोरंजन जगत का मौजूदा बिजनेस मॉडल अब पुराना हो चुका है। उनका कहना है कि सिर्फ 'ऑडियंस रीच' को सफलता का पैमाना मानना अब टिकाऊ नहीं रहा, क्योंकि दर्शक लगातार लीनियर टीवी से डिजिटल स्ट्रीमिंग की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। भारतीय मीडिया कंपनियों के लिए यह बदलाव जरूरी है क्योंकि वे अक्सर कंटेंट निर्माण पर भारी खर्च तो करती हैं, लेकिन वह लंबे समय में मुनाफे में तब्दील नहीं हो पाता।
AI का सही इस्तेमाल
बनर्जी ने साफ किया कि कंपनियों को AI को सिर्फ 'लागत कम करने' (cost-cutting) का जरिया नहीं देखना चाहिए। इसके बजाय, इसे एक 'क्रिएटिव स्टैक' के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए जो कंटेंट रिसर्च, डेवलपमेंट और उसकी खोज में मदद करे। इसका मकसद इंसानी रचनात्मकता को खत्म करना नहीं, बल्कि उसे और बेहतर बनाना है। यह स्ट्रैटेजी Zee Entertainment, Sun TV और Network18 जैसी कंपनियों के लिए ग्लोबल स्ट्रीमिंग दिग्गजों के सामने टिके रहने के लिए जरूरी है।
IP और IPL मॉडल की अहमियत
निवेशकों के नजरिए से देखें, तो लॉन्ग-टर्म IP फ्रेंचाइजी बनाना कंपनियों की 'Return on Capital Employed' को बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है। गौरव बनर्जी ने इस दौरान भारतीय मनोरंजन उद्योग में एक व्यवस्थित टैलेंट डेवलपमेंट इकोसिस्टम की कमी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने IPL का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह खेलों में कोचिंग और टैलेंट पाइपलाइन का ढांचा है, वैसा ही कुछ एंटरटेनमेंट सेक्टर में भी होना चाहिए, ताकि उद्योग का आर्थिक मॉडल और अधिक प्रेडिक्टेबल बन सके।
