ShareChat ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करते हुए एड-सपोर्टेड माइक्रो-ड्रामा कंटेंट पर फोकस करने का फैसला किया है। कंपनी का लक्ष्य **FY32** तक **₹25,500 करोड़** के उभरते हुए बाजार में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करना है।
बाजार की बदलती तस्वीर
Redseer की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में माइक्रो-ड्रामा का बाजार FY26 में ₹2,300 करोड़ से बढ़कर FY32 तक ₹25,500 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। ShareChat और Moj जैसे प्लेटफॉर्म्स अब इसी तेजी को भुनाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं।
रेवेन्यू मॉडल में बदलाव
ShareChat के CFO मनोहर सिंह चरण ने बताया कि कंपनी अब सब्सक्रिप्शन मॉडल से हटकर पूरी तरह से एड-सपोर्टेड (विज्ञापन आधारित) बिजनेस की ओर शिफ्ट हो रही है। फिलहाल, प्लेटफॉर्म पर प्रतिदिन 100 करोड़ एपिसोड्स देखे जा रहे हैं। कंपनी के मुताबिक, प्रति यूजर विज्ञापन से होने वाली कमाई अब कंटेंट को होस्ट करने की लागत से अधिक है, जो भविष्य में कंपनी के लिए स्टेबल कैश फ्लो का रास्ता साफ कर सकती है।
क्यों है कंपनी को भरोसा?
- कम खर्च में बढ़त: ShareChat का दावा है कि उनका कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट ₹10 प्रति डाउनलोड से भी कम है, जबकि बाजार में नए खिलाड़ी ₹40 से ज्यादा खर्च कर रहे हैं।
- ई-कॉमर्स का तड़का: कंपनी अब वीडियो कंटेंट के अंदर ही ई-कॉमर्स फीचर्स जोड़ने की तैयारी में है। चीन की तरह यहां भी वीडियो स्ट्रीम को शॉपिंग चैनल में बदलने की योजना है, जिससे FY32 तक 14 करोड़ डेली एक्टिव यूजर्स का टारगेट रखा गया है।
हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि शॉर्ट-वीडियो सेक्टर में कैश बर्न को काबू में रखना और मुनाफा कमाना एक बड़ी चुनौती रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कंपनी अपनी इस नई स्ट्रैटेजी के जरिए लंबी अवधि में प्रॉफिटेबिलिटी हासिल कर पाती है या नहीं।
