ShareChat (Mohalla Tech) के लिए अच्छी खबर है! कंपनी के माइक्रोड्रामा को हर दिन **900 मिलियन** व्यूज़ मिल रहे हैं, जो अब कंपनी के कुल रेवेन्यू का **30%** हिस्सा बन गए हैं। अगले साल **$400 मिलियन** के IPO का लक्ष्य रख रही ShareChat ने AI-संचालित शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट पर फोकस करके Q1 FY27 में ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी हासिल कर ली है।
माइक्रोड्रामा बने कमाई का जरिया
ShareChat, जिसे Mohalla Tech चलाती है, ने माइक्रोड्रामा को अपने बिजनेस मॉडल का अहम हिस्सा बना लिया है। यह शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट अब कंपनी के कुल रेवेन्यू में करीब 30% का योगदान दे रहा है। कंपनी के डेटा के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर माइक्रोड्रामा के कैटलॉग को हर दिन 900 मिलियन व्यूज़ मिलते हैं, और यूज़र्स इस फॉर्मेट पर हर दिन औसतन 55 मिनट बिताते हैं।
IPO की ओर बढ़ा कदम
इस स्ट्रेटेजी में बदलाव के साथ ही कंपनी पब्लिक लिस्टिंग की तैयारी में है। ShareChat अगले 4 से 5 तिमाहियों में $400 मिलियन तक का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की योजना बना रही है। कॉस्ट-कटिंग और एफिशिएंसी सुधार के दौर से गुजरने के बाद, कंपनी ने फिस्कल ईयर 2027 की पहली तिमाही में ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी हासिल की और 2025 की शुरुआत से ही कैश फ्लो पॉजिटिव बनी हुई है।
AI से प्रोडक्शन और लागत में कमी
इस कंटेंट वर्टिकल को बढ़ाने के लिए ShareChat ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में ₹100 करोड़ का निवेश करने का वादा किया है। इस पैसे का इस्तेमाल प्रोडक्शन वर्कफ़्लो और कंटेंट रिकमेंडेशन इंजन को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है। फिलहाल, AI-जनरेटेड कंटेंट कंपनी के माइक्रोड्रामा आउटपुट का 10% से 15% है, जिसे मैनेजमेंट 30% तक ले जाना चाहता है। AI को अपनाने से कंपनी ने प्रोडक्शन लागत में करीब 40% की कमी की है, और भविष्य में मॉडल्स के और बेहतर होने पर 70% तक की बचत का लक्ष्य है।
यह कदम ShareChat को स्टैंडर्ड एडवरटाइजिंग से आगे बढ़कर खुद की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) बनाने में मदद करेगा। कंपनी ब्रांड्स के साथ मिलकर कस्टम माइक्रोड्रामा सीरीज़ डेवलप कर रही है, जिसमें 80% से 85% का वीडियो-थ्रू रेट मिल रहा है। यह स्ट्रेटेजी पारंपरिक एड-इन्वेंट्री मॉडल की तुलना में एक अधिक मजबूत रेवेन्यू स्ट्रीम बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है, जो सेक्टर-स्पेसिफिक वोलैटिलिटी के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं।
कॉम्पिटिशन और जोखिम
हालांकि कंपनी ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी तक पहुंच गई है, लेकिन यह अभी भी अत्यधिक प्रतिस्पर्धी डिजिटल मीडिया माहौल में काम कर रही है। ShareChat को Instagram और YouTube जैसे ग्लोबल प्लेटफॉर्म्स से लगातार दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जो यूज़र अटेंशन और एड बजट पर हावी हैं। माइक्रोड्रामा से 30% रेवेन्यू योगदान बनाए रखने के लिए यूज़र एंगेजमेंट लेवल बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
जैसे-जैसे कंपनी अपने प्रस्तावित IPO की ओर बढ़ रही है, संभावित निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि क्या वह कंटेंट प्रोडक्शन को बढ़ाते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख सकती है। AI-संचालित एफिशिएंसी टारगेट्स की सफलता और बेहतर पूंजीकृत ग्लोबल कॉम्पिटिटर्स के खिलाफ मार्केट शेयर बचाने की क्षमता कंपनी के फाइनेंशियल आउटलुक के लिए प्रमुख वैरिएबल बने रहेंगे। IPO की समय-सीमा व्यापक बाजार की स्थितियों और रेगुलेटरी क्लीयरेंस के अधीन रहेगी, जो आने वाली तिमाहियों में बिजनेस के लिए मुख्य मॉनिटरेबल होगी।
