बॉलीवुड के किंग खान, शाहरुख खान, ने 2025 Kroll की रिपोर्ट के अनुसार, $177.9 मिलियन की ब्रांड वैल्यू के साथ भारत के सबसे मूल्यवान सेलिब्रिटी का खिताब फिर से हासिल कर लिया है। हालांकि, टॉप 25 सेलिब्रिटीज की कुल ब्रांड वैल्यू में 3.7% की गिरावट आई है, जो अब $2 बिलियन है।
शाहरुख खान की वापसी
Kroll सेलिब्रिटी ब्रांड वैल्यूएशन रिपोर्ट 2025 में शाहरुख खान ने एक बार फिर से टॉप पोजीशन हासिल कर ली है। उनकी ब्रांड वैल्यू बढ़कर $177.9 मिलियन हो गई है। यह रैंकिंग एंडोर्समेंट पोर्टफोलियो और सांस्कृतिक प्रभाव के आधार पर तय की जाती है। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर $162.9 मिलियन के साथ रणवीर सिंह और तीसरे नंबर पर $158.4 मिलियन के साथ विराट कोहली हैं।
विज्ञापन बाजार में आई मंदी
यह रिपोर्ट भारतीय विज्ञापन और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर के लिए एक बैरोमीटर का काम करती है। FMCG, रिटेल और ई-कॉमर्स जैसी कंपनियां ब्रांड रिकॉल और भरोसा बनाने के लिए सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट पर भारी खर्च करती हैं। हालांकि, रिपोर्ट से पता चलता है कि जहां व्यक्तिगत सितारे अभी भी प्रभावशाली हैं, वहीं सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट का व्यापक बाजार ठंडा पड़ रहा है।
विज्ञापनदाताओं का बदलता रुख
Kroll की रिपोर्ट के अनुसार, टॉप 25 भारतीय सेलिब्रिटीज की संयुक्त ब्रांड वैल्यू में 3.7% की गिरावट दर्ज की गई है, जो अब कुल $2 बिलियन है। यह गिरावट इस ओर इशारा करती है कि विज्ञापनदाता अपने मार्केटिंग बजट को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं। वे अब केवल पारंपरिक सेलिब्रिटी पावर पर निर्भर रहने के बजाय डिजिटल-फर्स्ट स्ट्रेटेजी, सोशल मीडिया एंगेजमेंट और अपने विज्ञापन खर्च पर मिलने वाले Measurable Returns पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
शाहरुख खान का बढ़ा एंडोर्समेंट पोर्टफोलियो
शाहरुख खान के टॉप पर लौटने का मुख्य कारण उनके एंडोर्समेंट पोर्टफोलियो का विस्तार रहा। 2024 में 28 डील्स की तुलना में 2025 में यह बढ़कर 36 हो गई। इस वॉल्यूम ग्रोथ और मजबूत सांस्कृतिक प्रासंगिकता ने उन्हें अपने साथियों को पीछे छोड़ने में मदद की।
भविष्य की राह
रिपोर्ट यह भी बताती है कि यह क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। निवेशक और बाजार विश्लेषक उपभोक्ता खर्च और मार्केटिंग दक्षता में बदलाव को समझने के लिए इन रुझानों पर नज़र रखते हैं। डिजिटल एंडोर्समेंट का उदय और मार्केटिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका इस उद्योग को नया आकार दे रही है। सेलिब्रिटी अब सिर्फ उत्पादों के चेहरे नहीं रह गए हैं; वे उद्यमिता और इक्विटी-आधारित साझेदारी में भी कदम रख रहे हैं, जो पारंपरिक एंडोर्समेंट मॉडल से आगे की सोच है।
टॉप 25 सेलिब्रिटीज के कुल वैल्यूएशन पूल में गिरावट यह संकेत देती है कि विज्ञापन उद्योग अधिक दक्षता की तलाश में है। डिजिटल उपभोग बढ़ने और उपभोक्ता की पसंद के खंडित होने के साथ, कंपनियां लगातार अपने मार्केटिंग मिक्स को अपना रही हैं। कंज्यूमर कंपनियों के हितधारकों के लिए, यह देखना महत्वपूर्ण है कि मार्केटिंग लागतें किस हद तक निरंतर राजस्व वृद्धि और बाजार हिस्सेदारी में तब्दील होती हैं, क्योंकि पारंपरिक हाई-कॉस्ट एंडोर्समेंट पर निर्भरता डिजिटल और सोशल मीडिया की बदलती रणनीतियों के दबाव का सामना कर रही है।
