दिल्ली हाई कोर्ट ने संगीतकार Ilaiyaraaja को 134 फिल्मों के गानों को लाइसेंस देने या उनसे कमाई करने से रोकने वाले अंतरिम आदेश को बरकरार रखा है। Saregama India ने ऐतिहासिक असाइनमेंट समझौतों से जुड़े अपने कॉपीराइट दावों का सफलतापूर्वक बचाव किया है। इस फैसले से कंपनी की म्यूजिक लाइब्रेरी का एक अहम हिस्सा सुरक्षित हो गया है, जो उसके स्ट्रीमिंग और लाइसेंसिंग रेवेन्यू के लिए बेहद जरूरी है।
क्या हुआ?
दिल्ली हाई कोर्ट ने संगीतकार Ilaiyaraaja द्वारा 134 फिल्मों के संगीत कार्यों को लाइसेंस देने या उनका इस्तेमाल करने पर लगी रोक को हटाने की अर्जी खारिज कर दी है। जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने फरवरी 2026 में दिए गए अंतरिम आदेश को बरकरार रखा है। इस फैसले का मतलब है कि Saregama India को इन फिल्मों से जुड़े गानों पर अपना नियंत्रण बनाए रखने और उनसे कमाई करने का अधिकार होगा। इनमें '16 Vayathiniley' और 'Mullum Malarum' जैसे मशहूर टाइटल शामिल हैं। यह विवाद इस बात पर केंद्रित है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इन गानों को लाइसेंस देने का अधिकार कंपोजर के पास है या लेबल के।
बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) का व्यावसायिक महत्व
Saregama जैसे म्यूजिक लेबल के लिए, बौद्धिक संपदा (IP) अधिकार ही उनकी कमाई का मुख्य जरिया हैं। कंपनी का बिजनेस मॉडल फिल्मों के संगीत की मास्टर रिकॉर्डिंग और कॉपीराइट रखने पर आधारित है, जिसे वह स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म, ब्रॉडकास्टर्स और अन्य डिजिटल सेवाओं को लाइसेंस देती है। अगर कोई कंपोजर अपने बनाए संगीत पर मालिकाना हक का दावा करने में सफल हो जाता है, तो यह संभावित रूप से लेबल के लाइसेंसिंग अधिकारों को छीन सकता है और उसकी डिजिटल कमाई को कम कर सकता है। इस अंतरिम फैसले को सुरक्षित करके, Saregama ने अपनी उस विशाल लाइब्रेरी को मैनेज करने और उससे मुनाफा कमाने के अपने अधिकार की रक्षा की है, जिसे कंपनी ने दशकों के बिजनेस ऑपरेशंस के जरिए बनाया है।
मालिकाना हक विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद 1976 से 2001 के बीच हुए असाइनमेंट समझौतों से जुड़ा है। Saregama, जिसका म्यूजिक इंडस्ट्री में 1901 से लंबा इतिहास है, का तर्क है कि इन अनुबंधों ने कानूनी तौर पर साउंड रिकॉर्डिंग और संगीत कार्यों के कॉपीराइट को फिल्म निर्माताओं से लेबल को ट्रांसफर कर दिया था। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब Saregama ने पाया कि Amazon Music, iTunes और JioSaavn जैसे प्लेटफॉर्म पर उसकी कॉपीराइट वाली सामग्री बिना उसके सीधे लाइसेंस के इस्तेमाल हो रही थी। जनवरी 2026 में, Ilaiyaraaja ने इन कंपोजिशन्स पर अपने अधिकार जताए, जिसके बाद Saregama ने संभावित राजस्व हानि और कॉपीराइट उल्लंघन को रोकने के लिए कानूनी सुरक्षा मांगी।
निवेशकों को आगे क्या देखना चाहिए?
हालांकि यह अंतरिम फैसला Saregama के लिए एक सकारात्मक कदम है, लेकिन यह अंतिम निर्णय नहीं है। कानूनी कार्यवाही अभी जारी है, और अंतिम समाधान ऐतिहासिक असाइनमेंट समझौतों की अदालत की अंतिम व्याख्या पर निर्भर करेगा। निवेशकों को भविष्य की अदालती सुनवाईयों पर नजर रखनी चाहिए कि क्या यह रोक बरकरार रहती है या कोई नया सबूत इन कॉपीराइट्स की कानूनी स्थिति को बदलता है। इसके अलावा, कंपनी की अपनी विशाल कंटेंट लाइब्रेरी पर स्पष्ट नियंत्रण बनाए रखने की क्षमता, उसके दीर्घकालिक वित्तीय स्वास्थ्य और लाइसेंसिंग ग्रोथ के लिए एक महत्वपूर्ण कारक बनी रहेगी।
