मुनाफे में आई कमी, पर मार्जिन क्यों चमका?
कंपनी के नेट प्रॉफिट (PAT) में सालाना आधार पर 17.5% की गिरावट दर्ज की गई, जो ₹5,124 लाख रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹6,234 लाख था। नतीजतन, बेसिक ईपीएस (EPS) भी ₹3.24 से घटकर ₹2.67 रह गया। वहीं, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) की बात करें तो रेवेन्यू में करीब 13.1% की बढ़ोतरी देखी गई और PAT में 17.0% का उछाल आया।
ग्रोथ के इंजन कौन रहे?
Events सेगमेंट में 92% की भारी गिरावट ने जहां समूचे रेवेन्यू को नीचे खींचा, वहीं कंपनी के दूसरे सेगमेंट्स ने शानदार प्रदर्शन किया। Saregama India का 'Music' सेगमेंट 10.9% की मजबूती के साथ बढ़ा, जबकि 'Artist Management' सेगमेंट में तो 118.5% की ज़बरदस्त ग्रोथ देखी गई। इन सेगमेंट्स की दमदार परफॉरमेंस ने Events सेगमेंट की कमजोरी को काफी हद तक संभाला।
खास बातें और आगे की राह
परिणामों पर नए लेबर कोड से जुड़े ₹698 लाख के एक असाधारण (Exceptional) आइटम का भी असर पड़ा। इसके अलावा, कंपनी ने दो अहम एक्विजिशन (Acquisitions) – Finnet Media और Bhansali Productions में हिस्सेदारी – की घोषणा की है, जो भविष्य में कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट में योगदान दे सकते हैं। निवेशकों के लिए अच्छी खबर यह भी है कि कंपनी ने ₹4.5 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) देने का ऐलान किया है।
हालांकि, कंपनी ने भविष्य के लिए कोई फॉरवर्ड-लुकिंग गाइडेंस (Forward-looking Guidance) जारी नहीं किया है। Events सेगमेंट की वोलेटिलिटी (Volatility) और मैनेजमेंट की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देशों की कमी, निवेशकों के लिए कुछ चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में, आगे Music और Artist Management सेगमेंट की ग्रोथ बनाए रखना और नई एक्विजिशन का सफल एकीकरण कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा।