Reliance का JioStar अब केवल विज्ञापन पर निर्भर नहीं रहने वाला है। कंपनी ने स्पोर्ट्स स्ट्रीमिंग के दौरान 'डायरेक्ट कॉमर्स' (जैसे फूड डिलीवरी) की सुविधा जोड़ दी है। **90%** दर्शक अब रीजनल भाषाओं में मैच देख रहे हैं, जिसका फायदा उठाकर कंपनी एक नया ट्रांजेक्शनल इकोसिस्टम तैयार कर रही है ताकि हाई कंटेंट कॉस्ट के बीच कमाई के नए रास्ते खोले जा सकें।
कमाई का नया तरीका: स्ट्रीम के अंदर ही शॉपिंग
Viacom18 के अंडर आने वाला JioStar अपने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह बदल रहा है। अब दर्शक बिना लाइव स्ट्रीम छोड़े Swiggy जैसी सर्विसेज का उपयोग कर पाएंगे। यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग में अभी तक सारा दारोमदार सिर्फ विज्ञापन (Ads) पर था, जो काफी अनिश्चित होता है।
रीजलन भाषाओं पर कंपनी का जोर
JioStar के लिए रीजनल भाषाएं गेम चेंजर साबित हो रही हैं। अब कुल वॉच टाइम का 10% से भी कम हिस्सा अंग्रेजी फीड्स से आ रहा है। हरियाणवी और भोजपुरी जैसी भाषाओं में बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए कंपनी ने अपने कॉमर्स टूल्स को मोबाइल यूजर्स के हिसाब से कस्टमाइज किया है। शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि Swiggy के जरिए होने वाले 30% ट्रांजेक्शन उन लोगों ने किए हैं, जो पहली बार इस सर्विस का इस्तेमाल कर रहे थे।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या यह प्रयोग कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को बढ़ा पाएगा। आईपीएल, फॉर्मूला-1 और इंग्लिश प्रीमियर लीग जैसे स्पोर्ट्स राइट्स खरीदना बेहद महंगा होता है। ऐसे में यह कॉमर्स मॉडल कंपनी के लिए एक नया 'टेक रेट' (कमीशन) सोर्स बन सकता है। हालांकि, चुनौतियां भी हैं—जैसे कि रियल-टाइम इंटरफेस की टेक्निकल कॉम्प्लेक्सिटी और यूजर्स को बार-बार खरीदारी करने वाले ग्राहकों में बदलना। आने वाली तिमाहियों में यह देखना होगा कि क्या JioStar इस कॉमर्स ईकोसिस्टम को बिना स्ट्रीमिंग क्वालिटी गिराए स्केल कर पाता है या नहीं।
