Radaan Mediaworks India Limited शेयरधारकों से मंजूरी लेने के लिए एक पोस्टल बैलेट प्रक्रिया शुरू कर रही है। यह मंजूरी कंपनी के प्रमुख प्रमोटर डायरेक्टर्स, मिसेज आर. राधिका सरथकुमार (चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर) और मिस्टर आर. सरथकुमार (नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर) के साथ फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए होने वाले महत्वपूर्ण संबंधित पार्टी ट्रांजैक्शन (Related Party Transactions - RPTs) के संबंध में मांगी जा रही है। प्रस्तावित सौदों में प्रत्येक डायरेक्टर को ₹10 करोड़ तक का अनसिक्योर्ड लोन, यानी कुल ₹20 करोड़ का लोन शामिल है। इसके अलावा, एक्टिंग और क्रिएटिव डायरेक्शन जैसी प्रोफेशनल सर्विस के लिए प्रत्येक को ₹5 करोड़ तक की फीस, यानी कुल ₹10 करोड़ की फीस का भुगतान किया जाएगा। इस तरह, कंपनी इन दोनों व्यक्तियों के साथ कुल ₹30 करोड़ के ट्रांजैक्शन करने की योजना बना रही है। ये प्रस्तावित सौदे इसलिए भी अहम हैं क्योंकि ये Radaan Mediaworks के पिछले फाइनेंशियल ईयर के कंसोलिडेटेड टर्नओवर का लगभग 65.55% हिस्सा हैं। यह लोन 12% प्रति वर्ष की ब्याज दर पर दिया जाएगा।
कंपनी की वित्तीय स्थिति पर नजर डालें तो यह चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि Radaan Mediaworks ने FY2025-26 में अपने लॉन्ग-टर्म बोरिंग्स को काफी कम किया है, जो कि 31 दिसंबर, 2025 तक ₹2933.38 लाख से घटकर ₹1443.44 लाख रह गई है, फिर भी इसकी कुल वित्तीय सेहत नाजुक बनी हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी का बुक वैल्यू नेगेटिव है और पिछले चार लगातार तिमाहियों से यह लगातार घाटे में चल रही है।
सबसे चिंताजनक बात कंपनी द्वारा किए गए एक काल्पनिक (hypothetical) कैलकुलेशन से सामने आती है। कंपनी का अनुमान है कि यदि वह एक प्रमोटर से ₹10 करोड़ का लोन लेती है, तो उसकी वित्तीय स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा। अनुमान के मुताबिक, डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) -2.65 से बढ़कर -3.55 हो जाएगा, जो एक और भी ज्यादा लीवरेज्ड या नेगेटिव नेट वर्थ पोजीशन को दर्शाता है। इससे भी ज्यादा Alarming स्थिति डेट सर्विस कवरेज रेश्यो (DSCR) की है, जो 0.120 से घटकर मात्र 0.073 रह जाने का अनुमान है। DSCR का 1 से नीचे होना यह दर्शाता है कि कंपनी का ऑपरेटिंग इनकम अपने लोन की किश्तों और ब्याज को चुकाने के लिए पर्याप्त नहीं है, जिससे डिफॉल्ट का खतरा काफी बढ़ जाता है।
इस घोषणा से जुड़ा मुख्य जोखिम बड़े पैमाने पर होने वाले संबंधित पार्टी ट्रांजैक्शन (RPTs) से है। प्रमोटर डायरेक्टर्स से इतनी बड़ी राशि का लोन और सर्विस फीस लेना, खासकर जब यह कंपनी के टर्नओवर का एक बड़ा हिस्सा हो और कंपनी की वित्तीय स्थिति पहले से ही कमजोर हो, तो यह गवर्नेंस (Governance) को लेकर सवाल खड़े करता है। ऐसे सौदे अल्पसंख्यकों (minority shareholders) के हितों के साथ टकराव पैदा कर सकते हैं, यदि वे कंपनी के सर्वोत्तम हित में और समान दूरी पर न रखे जाएं।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि Radaan Mediaworks India से जुड़े अतीत में कुछ रेगुलेटरी एक्शन भी हुए हैं। 2014 में, मार्केट मैनिपुलेशन और शेयरों में ट्रेडिंग अनियमितताओं के संबंध में कुछ व्यक्तियों के खिलाफ SEBI ने खातों को अटैच कर ₹38.56 लाख की बकाया राशि और जुर्माने की वसूली की थी। हालांकि यह मामला सीधे तौर पर प्रमोटर्स के वर्तमान कार्यों से संबंधित नहीं है, लेकिन यह कंपनी के स्टॉक को लेकर रेगुलेटरी जांच के इतिहास की ओर इशारा करता है।
Radaan Mediaworks, मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में काम करती है, जो एक बेहद प्रतिस्पर्धी क्षेत्र है। इसके मुख्य प्रतिस्पर्धियों में Sun TV Network, PVR Inox और Zee Entertainment Enterprises जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। ये बड़ी कंपनियां आम तौर पर मजबूत वित्तीय मेट्रिक्स और बाजार में बेहतर स्थिति रखती हैं। उदाहरण के लिए, Sun TV Network का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹21,000 करोड़ से अधिक है, जबकि Radaan Mediaworks का मार्केट कैप लगभग ₹16-17 करोड़ है। कई प्रतिस्पर्धी कंपनियां नेट प्रॉफिट में हैं, जबकि Radaan Mediaworks पिछले कुछ तिमाहियों से लगातार नेट लॉस रिपोर्ट कर रही है। प्रस्तावित ट्रांजैक्शन, Radaan Mediaworks के पैमाने को देखते हुए, विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, जबकि बड़े और वित्तीय रूप से मजबूत प्रतिस्पर्धियों के लिए ऐसी डील अलग तरह से देखी जा सकती हैं।
शेयरधारक इन प्रस्तावों पर 20 फरवरी, 2026 से 21 मार्च, 2026 तक रिमोट ई-वोटिंग के माध्यम से वोट करेंगे। परिणामों की उम्मीद 23 मार्च, 2026 तक है। इन RPTs की मंजूरी शेयरधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना होगी, जो कंपनी की पहले से ही तनावग्रस्त वित्तीय स्थिति पर संभावित प्रभाव और बड़े वित्तीय प्रतिबद्धताओं को देखते हुए देखी जाएगी। निवेशक इन ट्रांजैक्शन्स के पीछे दिए गए तर्क पर बारीकी से नजर रखेंगे और यह जानेंगे कि क्या वे वास्तव में सभी हितधारकों के सर्वोत्तम हित में हैं।