Sanjiv Goenka के नेतृत्व वाला RPSG Group अपनी IPL टीम Lucknow Super Giants में **15% से 20%** की हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा है। इस डील के जरिए कंपनी टीम की वैल्यूएशन **$2 बिलियन** तक पहुंचाने की कोशिश में है।
वैल्यूएशन में भारी उछाल
नवंबर 2021 में जब RPSG Group ने इस फ्रेंचाइजी को $800 मिलियन में खरीदा था, तब से अब तक टीम की ब्रांड वैल्यू में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। अब कंपनी इसके 15-20% शेयर बेचकर $1.5 बिलियन से $2 बिलियन तक की वैल्यूएशन हासिल करना चाहती है। इस पूरी प्रक्रिया को संभालने के लिए Goldman Sachs का नाम प्रमुख एडवाइजर के तौर पर सामने आ रहा है, हालांकि अभी तक शेयर बाजार में कोई आधिकारिक फाइलिंग नहीं हुई है।
क्यों बेची जा रही है हिस्सेदारी?
इस रणनीतिक कदम के पीछे मुख्य वजह फ्रेंचाइजी पर बढ़ता वित्तीय बोझ है। टीम को साल 2031 तक BCCI को हर साल लगभग ₹709 करोड़ का फ्रेंचाइजी शुल्क देना है। अभी तक कंपनी इसके लिए प्रमोटर कैपिटल और भारी कर्ज का सहारा ले रही थी, लेकिन अब हिस्सेदारी बेचकर कर्ज को कम करना और स्पोर्ट्स पोर्टफोलियो को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना कंपनी की प्राथमिकता है।
रिस्क और चुनौतियां
हालांकि बाजार में IPL टीमों की वैल्यूएशन तेजी से बढ़ रही है, लेकिन Lucknow Super Giants के लिए राह आसान नहीं है। टीम का 2026 सीजन का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है और वह पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे रही थी। स्पोर्ट्स बिजनेस में ऑन-फील्ड परफॉर्मेंस का सीधा असर फैन एंगेजमेंट और मीडिया वैल्यू पर पड़ता है। ऐसे में निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या मैनेजमेंट खराब प्रदर्शन के बावजूद ऊंची वैल्यूएशन को जस्टिफाई कर पाएगा या नहीं।
