भारी राइट-डाउन से गहराया घाटा, रेवेन्यू ग्रोथ बेअसर
Pritish Nandy Communications Ltd. के लिए तीसरी तिमाही (Q3 FY26) उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कंपनी ने ₹175.6 करोड़ की बड़ी राइट-डाउन की घोषणा की है, जिसने उसके मुनाफे को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस वजह से, स्टैंडअलोन नेट लॉस बढ़कर ₹1,021.81 लाख (लगभग ₹10.22 करोड़) हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹36.52 लाख था। कंसोलिडेटेड (consolidated) आधार पर भी नेट लॉस ₹1,018.08 लाख दर्ज किया गया।
रेवेन्यू में जबरदस्त उछाल, फिर भी घाटा क्यों?
यह जानना दिलचस्प है कि इस भारी घाटे के बावजूद, कंपनी के रेवेन्यू (revenue) में शानदार बढ़ोतरी हुई है। स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹976.76 लाख पर पहुंच गया, जो पिछले साल Q3 FY25 के ₹29.30 लाख की तुलना में 32 गुना से भी ज्यादा है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी ₹767.50 लाख तक पहुंच गया। लेकिन, कंटेंट इन्वेंट्री के बड़े राइट-डाउन ने इस ग्रोथ को पूरी तरह बेअसर कर दिया। इसी वजह से अर्निंग्स पर शेयर (EPS) गिरकर ₹(7.08) स्टैंडअलोन और ₹(7.04) कंसोलिडेटेड पर आ गया।
क्यों करना पड़ा राइट-डाउन?
कंपनी के मुताबिक, यह राइट-डाउन मीडिया इंडस्ट्री में हो रहे बड़े बदलावों के कारण है। आजकल लोग OTT प्लेटफॉर्म्स पर ओरिजिनल और नए कंटेंट को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इससे पुराने फिल्म लाइब्रेरी की डिमांड और वैल्यू कम हो गई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और ब्रॉडकास्टर्स भी अब पुरानी फिल्मों को कम कीमत पर खरीद रहे हैं, जिससे नई डील मिलना और पुरानी डील का रिन्यूअल मुश्किल हो गया है।
Shemaroo के साथ नई डील
कंपनी ने एक अहम कदम उठाते हुए Shemaroo Entertainment Limited के साथ 11 साल का एक लाइसेसिंग एग्रीमेंट (licensing agreement) किया है। इस डील के तहत Pritish Nandy Communications की 18 टाइटल्स (titles) को Shemaroo ग्लोबल लेवल पर ब्रॉडकास्ट और स्ट्रीम कर सकेगी। इस एग्रीमेंट से मिली रेवेन्यू को Ind AS 115 के तहत दर्ज किया गया है।
टैक्स में राहत और कैश फ्लो पर असर नहीं
इस राइट-डाउन के चलते कंपनी को ₹442.01 लाख (स्टैंडअलोन) का टैक्स रिलीफ (tax reversal of deferred tax liability) भी मिला है। कंपनी ने साफ किया है कि इस एक्सेप्शनल आइटम (exceptional item) का कंपनी के कैश फ्लो (cash flow) पर कोई असर नहीं पड़ेगा और भविष्य में इसके रेगुलर ऑपरेशंस पर भी कोई निरंतर प्रभाव नहीं होगा।