डिजिटल स्टोरीटेलिंग प्लेटफॉर्म Pratilipi ने साल 2027 तक **₹400 करोड़** का रेवेन्यू हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। कंपनी FY26 में **₹188 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज कर चुकी है।
Pratilipi के आगे के रास्ते
Pratilipi, जो कि एक जानी-मानी डिजिटल स्टोरीटेलिंग कंपनी है, ने अपने भविष्य के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया है। कंपनी का लक्ष्य है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 के अंत तक वह ₹400 करोड़ का रेवेन्यू जुटा ले। यह लक्ष्य कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है, खासकर पिछले कुछ सालों की चुनौतियों के बाद।
बिजनेस में आई तेजी
कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 में इसका रेवेन्यू बढ़कर ₹188 करोड़ हो गया, जो फाइनेंशियल ईयर 2025 के ₹82.4 करोड़ के मुकाबले काफी ज्यादा है। इस तेजी के पीछे मुख्य वजह कंपनी के दो अहम बिज़नेस हैं - ऑनलाइन लिटरेचर प्लेटफॉर्म और वेस्टलैंड बुक्स (Westland Books)। वेस्टलैंड बुक्स, जिसे Pratilipi ने 2022 में Amazon से खरीदा था, कंपनी की ग्रोथ में बड़ा रोल निभा रहा है।
पुराने दिनों की चुनौतियां और आज की रणनीति
यह ध्यान देने वाली बात है कि 2024 में Pratilipi को अपने ऑपरेशंस को बढ़ाने में काफी दिक्कतें आई थीं, जिसके चलते कंपनी ने छंटनी की योजना भी बनाई थी। लेकिन अब कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल को स्थिर किया है। 2014 में शुरू हुई यह कंपनी आज छह अलग-अलग बिज़नेस यूनिट्स के साथ एक बड़ी कंटेंट कंपनी बन गई है। इसमें Pratilipi FM के जरिए ऑडियो कंटेंट, कॉमिक्स और वेस्टलैंड बुक्स शामिल हैं, जिसने कंपनी के डिजिटल बिज़नेस में प्रिंट की दुनिया को भी जोड़ा है।
कमाई का जरिया
Pratilipi मुख्य रूप से दो तरीकों से कमाई करती है: यूजर्स से मिलने वाले पेमेंट और कंटेंट का विस्तार। प्लेटफॉर्म पर 12 भारतीय भाषाओं में 7.2 लाख से ज्यादा लेखक मौजूद हैं और 1.8 मिलियन से ज्यादा लोग हर दिन कंटेंट पढ़ते हैं। कंपनी फ्रीमियम मॉडल (freemium model) का इस्तेमाल करती है। इसके तहत, करीब 17% यूजर्स हर महीने ₹150 का सब्सक्रिप्शन लेते हैं, जबकि लगभग 21% यूजर्स अलग-अलग कहानियों के चैप्टर्स खरीदने के लिए माइक्रो-ट्रांजेक्शन (microtransactions) का इस्तेमाल करते हैं।
इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) का बढ़ता दायरा
सिर्फ यूजर पेमेंट पर निर्भर न रहकर, Pratilipi अपनी कहानियों को दूसरी इंडस्ट्रीज में भी ले जा रही है। कंपनी अपनी पॉपुलर डिजिटल कहानियों को फिल्मों, टीवी शोज और वेब सीरीज में बदलने के लिए IP लाइसेंसिंग पर भी काम कर रही है। यह रणनीति कंपनी के लिए कमाई का एक नया और लंबा चलने वाला जरिया बन सकती है। इसके अलावा, कंपनी ने 2020 में IVM Podcasts और 2021 में The Write Order जैसे प्लेटफॉर्म्स को भी खरीदा है, ताकि वह डिजिटल, ऑडियो, प्रिंट और स्क्रीन हर जगह अपनी मौजूदगी दर्ज करा सके।
आगे की राह में क्या हैं चुनौतियां?
डिजिटल कंटेंट सेक्टर में लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच Pratilipi के लिए आगे का रास्ता आसान नहीं होगा। यूजर्स को आकर्षित करना और उन्हें बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। इसके अलावा, दूसरे बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स और ऐप्स से मुकाबला करना भी कंपनी के लिए मुश्किल हो सकता है। कंटेंट प्रोडक्शन और अलग-अलग बिज़नेस यूनिट्स को चलाने का खर्च भी मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय बना रहेगा।
निवेशकों के लिए क्या है खास
निवेशकों को Pratilipi की रेवेन्यू ग्रोथ को प्रॉफिटेबिलिटी में बदलने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, कंपनी अपने विभिन्न बिज़नेस यूनिट्स, जैसे ऑडियो और पब्लिशिंग, को कितनी अच्छी तरह मैनेज करती है, यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा। IP लाइसेंसिंग से फिल्मों और सीरीज में होने वाली कमाई कंपनी के लिए एक बड़ा बूस्ट साबित हो सकती है। ऐसे में, कड़े मुकाबले के बीच सब्सक्राइबर बेस को बनाए रखना कंपनी के FY27 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बहुत जरूरी होगा।
