केरल पुलिस ने Big TV की पत्रकार Aparna Kurup के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई एक टीवी डिबेट के दौरान एक मौलवी की महिलाओं पर की गई विवादित टिप्पणी पर चर्चा के बाद हुई है, जिसने मीडिया संस्थानों के लिए कानूनी जोखिम को बढ़ा दिया है।
कोच्चि सिटी साइबर पुलिस ने मलयालम न्यूज चैनल Big TV की सीनियर कोऑर्डिनेटिंग एडिटर अपर्णा कुरुप के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किया है। यह कानूनी कार्रवाई चैनल के प्रोग्राम 'Big Dialogue' के एक हालिया एडिशन के बाद शुरू हुई, जिसमें उन्होंने सुन्नी मौलवी कांतपुरम एपी अबूबकर मुसलियार की महिलाओं की भूमिका पर की गई विवादास्पद टिप्पणियों का विश्लेषण किया था।
FIR और कानूनी धाराएं
अपर्णा कुरुप के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और केरल पुलिस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। इसमें दंगा भड़काने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या प्रसारण के दौरान की गई बातें भड़काऊ थीं।
मीडिया सेक्टर पर असर
Big TV एक प्राइवेट मीडिया हाउस है और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, इसलिए इसका बाजार पर कोई सीधा असर नहीं है। हालांकि, मीडिया सेक्टर पर नजर रखने वाले जानकारों का मानना है कि यह घटना निजी मीडिया संस्थानों के लिए ऑपरेशनल रिस्क को उजागर करती है। धार्मिक और राजनीतिक संवेदनशीलता के बीच कंटेंट मैनेज करना इन संस्थानों के लिए बड़ी चुनौती है, क्योंकि विवादों में फंसने से न केवल कानूनी मुसीबतें बढ़ती हैं, बल्कि ब्रांड की साख पर भी असर पड़ता है।
राजनीतिक खींचतान
इस मामले ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। विवाद तब और बढ़ गया जब इसी दौरान 'विजडम इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन' के एक नेता के खिलाफ दर्ज केस को वापस लेने का फैसला लिया गया, जिसे विपक्ष ने राजनीतिक प्रेरित बताया है।
बढ़ते दबाव और कानूनी कार्रवाई के बाद Big TV ने माफी मांगते हुए अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म से विवादास्पद फुटेज हटा दी है। वहीं, पत्रकार अपर्णा कुरुप ने भी सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों और साइबर बुलिंग को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। अब पूरी स्थिति पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्यवाही पर निर्भर करेगी।
