Paramount ने कानूनी विवाद सुलझाकर Warner Bros. Discovery के साथ मर्जर का रास्ता साफ कर लिया है। **30 सितंबर** की डेडलाइन से पहले यह डील पूरी होने से कंपनी को **$7 मिलियन** प्रतिदिन की पेनल्टी से राहत मिली है, लेकिन अब निवेशकों की नजर **$80 बिलियन** के भारी-भरकम कर्ज और नई परिचालन शर्तों पर टिकी है।
मर्जर की राह हुई आसान
Paramount ने 12 अमेरिकी राज्यों के अटॉर्नी जनरल और 'राइटर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका' के साथ हुए कानूनी विवाद को खत्म कर लिया है। इस समझौते के बाद अब मर्जर के लिए रास्ता साफ हो गया है। अगर यह डील 30 सितंबर तक पूरी नहीं होती, तो कंपनी को Warner Bros. Discovery के शेयरधारकों को हर दिन $7 मिलियन की पेनल्टी चुकानी पड़ती।
नई शर्तें और वित्तीय बोझ
कानूनी अड़चनें तो हट गईं, लेकिन समझौते की कुछ शर्तें कंपनी के लिए कड़ी चुनौती बन सकती हैं। कंपनी ने सालाना घरेलू फिल्म प्रोडक्शन खर्च में $300 मिलियन की बढ़ोतरी करने का वादा किया है। साथ ही, कंपनी को हर साल कम से कम 30 से 32 फिल्में रिलीज करनी होंगी। यदि कंपनी इन टारगेट को पूरा नहीं कर पाती है, तो उसे हर फिल्म के लिए $30 मिलियन का जुर्माना भरना होगा। इसके अलावा, सिनेमा ऑपरेटरों के लिए रेट्स को अगले 3 साल तक फ्रीज करने का भी फैसला लिया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इस मर्जर से $6 बिलियन की कॉस्ट सेविंग (Synergies) होगी। हालांकि, मर्जर के बाद कंपनी पर $80 बिलियन का भारी कर्ज होगा। अब निवेशकों के लिए देखने वाली बात यह होगी कि कंपनी इन नई शर्तों और प्रोडक्शन टारगेट के बीच अपने कर्ज को कैसे मैनेज करती है। इसके अलावा, CBS और CNN जैसे एसेट्स की निगरानी के लिए एक 'एडिटोरियल इंडिपेंडेंस बोर्ड' भी बनाया गया है, जो कंपनी के मैनेजमेंट पर नई तरह की लगाम लगाएगा।
