PVR Inox के शेयर में आज जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। कंस्ट्रक्शन से जुड़े करीब **₹200 करोड़** के कथित किकबैक मामले में कंपनी द्वारा इंटरनल जांच शुरू करने की खबर के बाद स्टॉक **8%** गिरकर **₹1,128.50** के स्तर पर आ गया है।
पूर्व एग्जीक्यूटिव पर जांच की आंच
यह पूरा मामला कंपनी के पूर्व CEO (ग्रोथ एंड इन्वेस्टमेंट) प्रमोद अरोड़ा से जुड़ा है, जिन्होंने अप्रैल 2026 में कंपनी छोड़ी थी। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने उन्हें प्रॉपर्टी डेवलपर्स के साथ मिलकर किए गए कथित घोटाले के बाद बर्खास्त किया था। PVR Inox ने अब उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाए हैं ताकि उन्हें किसी भी प्रतियोगी कंपनी के साथ जुड़ने से रोका जा सके।
गवर्नेंस पर उठे सवाल
कंपनी का मौजूदा बिजनेस मॉडल 'एसेट-लाइट' और फ्रेंचाइजी पर आधारित है, जिसमें रियल एस्टेट डेवलपर्स के साथ तालमेल बहुत जरूरी है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह घोटाला सिस्टमैटिक है? अगर यह साबित होता है, तो कंपनी की इंटरनल गवर्नेंस और वेंडर मैनेजमेंट को लेकर बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले पांच सालों में 1,000 और स्क्रीन जोड़ने का है, जिस पर अब निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
बायबैक का असर फीका
बाजार में मचे इस बवाल ने कंपनी के हालिया ₹300 करोड़ के शेयर बायबैक प्लान की चमक को भी फीका कर दिया है। कंपनी ने ₹1,450 प्रति शेयर के भाव पर बायबैक की घोषणा की थी, जिसकी रिकॉर्ड डेट 4 सितंबर, 2026 तय है। लेकिन फिलहाल, निवेशकों का भरोसा बायबैक के मुनाफे से ज्यादा कंपनी के इंटरनल सिस्टम में सुधार की ओर लगा हुआ है।
