सिनेमाघरों में फैमिली ऑडियंस की बम्पर वापसी से PVR INOX के अच्छे दिन लौट आए हैं। कंपनी ने Q1 FY27 में **₹56.5 करोड़** का शानदार प्रॉफिट दर्ज किया है। वहीं, इंडस्ट्री की कमाई में **21%** का इजाफा हुआ है। अब कंपनी छोटे शहरों में 'स्मार्ट स्क्रीन' का विस्तार कर इस ग्रोथ को भुनाने की तैयारी में है।
फैमिली ऑडियंस की वापसी से चमके सिनेमाघर!
कोरोना के बाद से जहां लोग सिनेमाघरों में जाने से कतरा रहे थे, वहीं अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। 2026 की पहली छमाही में डोमेस्टिक बॉक्स-ऑफिस कलेक्शन में 21% की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की गई है। इस वापसी का सबसे बड़ा फायदा PVR INOX को मिला है, जिसने हाल ही में FY27 की पहली तिमाही में ₹56.5 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। पिछले साल के मुकाबले यह एक बड़ी रिकवरी है। वहीं, कंपनी की कमाई 10.4% बढ़कर ₹1,622.2 करोड़ रही। 5 अगस्त 2026 को शेयर ₹1,161.90 पर बंद हुआ।
ये क्यों हुआ?
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि फैमिली ऑडियंस अब समझ-बूझकर सिनेमाघरों का रुख कर रही है। वे तभी टिकट खरीद रहे हैं जब फिल्म की माउथ पब्लिसिटी अच्छी हो और फिल्म बड़े पर्दे पर देखने लायक हो। यानी, अब फैमिली के लिए सिर्फ फिल्म ही नहीं, बल्कि पूरा अनुभव (टिकट, पॉपकॉर्न, कोल्ड ड्रिंक सब मिलाकर) मायने रखता है।
छोटे शहरों पर PVR INOX का फोकस
छोटे शहरों यानी टियर-II और टियर-III शहरों में ग्रोथ की अपार संभावनाएं देखते हुए PVR INOX ने 'स्मार्ट स्क्रीन' पहल शुरू की है। इसके तहत, मेट्रो शहरों के मुकाबले 30-35% कम कीमत पर टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत अगस्त 2026 में मुजफ्फरनगर से हुई। अब 110 शहरों में 1,750 से ज्यादा स्क्रीन के साथ, PVR INOX इस रणनीति से ज्यादा से ज्यादा दर्शकों को सिनेमाघरों से जोड़ना चाहता है।
आगे क्या हैं चुनौतियां?
हालात सुधर रहे हैं, लेकिन अभी भी कई चुनौतियां हैं। सबसे बड़ा रिस्क है बॉक्स-ऑफिस कलेक्शन की अस्थिरता। अगर बड़ी फिल्में नहीं चलीं, तो तिमाही नतीजों पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा, भारत में स्क्रीन की कमी और OTT प्लेटफॉर्म्स से लगातार मुकाबला भी एक बड़ी चुनौती है। फैमिली ऑडियंस के लौटने के बावजूद, वे कीमत के प्रति संवेदनशील हैं। ऐसे में, PVR INOX को प्रीमियम अनुभव और किफायती दाम के बीच संतुलन बनाना होगा। निवेशकों की नजर कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन, कर्ज प्रबंधन और 'स्मार्ट स्क्रीन' से मिलने वाले ऑक्यूपेंसी रेट पर रहेगी।
