'धुरंधर' का जलवा, PVR INOX की उम्मीदें बढ़ीं
'धुरंधर' फिल्म का जलवा सिर्फ बॉक्स ऑफिस तक ही सीमित नहीं है, इसने भारतीय मीडिया और मनोरंजन (Media & Entertainment) सेक्टर में एक अलग ही तस्वीर पेश की है। खासकर PVR INOX जैसी सिनेमा ऑपरेटर्स को इससे जबरदस्त फायदा हो रहा है, जबकि सेक्टर के दूसरे हिस्से, खासकर ब्रॉडकास्टिंग, आर्थिक दबावों से जूझ रहे हैं।
Q4 FY26 में PVR INOX के नतीजे शानदार रहने का अनुमान
Nuvama Institutional Equities की रिपोर्ट के मुताबिक, 'धुरंधर' की धमाकेदार परफॉर्मेंस की बदौलत PVR INOX के मार्च तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे शानदार रहने की उम्मीद है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) साल-दर-साल 19% बढ़कर ₹1,483.3 करोड़ हो सकता है, जबकि EBITDA में 41% का उछाल आकर ₹400 करोड़ तक पहुंच सकता है। इसकी मुख्य वजह ₹310 की रिकॉर्ड औसत टिकट कीमत (ATP) और ₹158 का प्रति व्यक्ति खर्च (SPH) है, जो बताता है कि जब मांग ज्यादा होती है तो कंपनी प्रीमियम दाम वसूलने में कितनी माहिर है। फिल्म के कलेक्शन और F&B (Food & Beverage) से होने वाली आय में करीब 22% की सालाना बढ़ोतरी का अनुमान है, जो क्रमशः ₹790 करोड़ और ₹470 करोड़ तक पहुंच सकती है। ₹950.50 के करीब ट्रेड कर रहे PVR INOX के शेयर में इन उम्मीदों का असर साफ दिख रहा है।
ब्रॉडकास्टर्स पर विज्ञापन की मार, Saregama की चमक
वहीं, दूसरी तरफ ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में हालात जुदा हैं। Saregama का म्यूजिक लाइसेंसिंग बिजनेस (Music Licensing Business) नए गानों के कारण अच्छा कर रहा है। Nuvama का अनुमान है कि Saregama का रेवेन्यू 7% बढ़कर ₹257.9 करोड़ और EBITDA 9% बढ़कर ₹87.7 करोड़ हो सकता है। Saregama का म्यूजिक लाइसेंसिंग सेगमेंट अकेले 15% बढ़ सकता है, जो उसके कंटेंट की वैल्यू को दर्शाता है। लेकिन, Zee Entertainment Enterprises जैसी कंपनियां विज्ञापन में सुस्ती (Ad Slump) के चलते मुश्किलों का सामना कर रही हैं। Zee Entertainment के रेवेन्यू में 6% की गिरावट आने का अनुमान है, जिसकी वजह विज्ञापन की मांग में कमी है। हालांकि, उसका डिजिटल प्लेटफॉर्म Zee5 अच्छा कर रहा है, लेकिन मार्केटिंग लागत (Marketing Costs) और विज्ञापन खर्च का डिजिटल की ओर शिफ्ट होने से कुल मुनाफे पर दबाव बना हुआ है। Sun TV Network ने Q4 FY26 के लिए ₹940.59 करोड़ की कुल आय बताई, लेकिन उसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट साल-दर-साल 22.72% गिर गया, जो बाजार के दबाव को दिखाता है।
एनालिस्ट की राय: PVR INOX मजबूत, सेक्टर में मिश्रित संकेत
एनालिस्ट (Analysts) आउट-ऑफ-होम एंटरटेनमेंट सेक्टर को लेकर काफी पॉजिटिव हैं। PVR INOX को 'मॉडरेट बाय' (Moderate Buy) रेटिंग मिली हुई है, और इसके टारगेट प्राइस ₹1,192 से ₹1,357 तक के हैं, जो अच्छी खासी बढ़त की ओर इशारा करते हैं। यह तेजी PVR INOX की मजबूत मार्केट पोजिशन (Market Position) पर आधारित है, जिसका अनुमानित मार्केट शेयर 32-35% है। IMAX और 4DX जैसे प्रीमियम फॉर्मेट्स का इस्तेमाल, साथ ही 60% से ज्यादा मार्जिन वाली F&B आय, कंपनी को टिकट बिक्री से इतर कमाई के कई रास्ते देती है। Nuvama के Q4 FY26 के अनुमान, जो आमतौर पर ₹230-₹280 की ATP और ₹110-₹160 की SPH से काफी ज्यादा हैं, 'धुरंधर' फिल्म की वजह से बढ़े हैं। Saregama का 150,000 से ज्यादा गानों का कैटलॉग डिजिटल ग्रोथ और सब्सक्रिप्शन की ओर बढ़ते रुझान का फायदा उठा रहा है।
PVR INOX और ब्रॉडकास्टर्स के लिए जोखिम
'धुरंधर' की सफलता के बावजूद, PVR INOX और पूरे सेक्टर के लिए चुनौतियां कम नहीं हैं। PVR INOX का हाई प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो (लगभग 400-430x) बताता है कि इसकी वैल्यूएशन भविष्य की ग्रोथ और प्रीमियम प्राइसिंग पर बहुत ज्यादा निर्भर करती है, जो शायद हमेशा बनी न रहे। पिछले फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स में भारी घाटा (FY25 में ₹374 करोड़ का PBT लॉस) और निगेटिव EPS, बढ़ती आय के बावजूद एक नाजुक रिकवरी और हाई फाइनेंशियल लीवरेज की ओर इशारा करते हैं। सिर्फ एक ब्लॉकबस्टर फिल्म पर प्रदर्शन निर्भर होना भी एक बड़ा ऑपरेशनल रिस्क है। ब्रॉडकास्टर्स के लिए, विज्ञापन आय में गिरावट एक स्ट्रक्चरल समस्या है, जो विज्ञापन खर्च के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ओर लगातार शिफ्ट होने से पैदा हुई है। Zee Entertainment का विज्ञापन रेवेन्यू लगातार तीन तिमाहियों से साल-दर-साल गिर रहा है, और FY26 में 10% की गिरावट का अनुमान है।
मीडिया कंपनियों के लिए भविष्य की राह
Nuvama को मीडिया सेक्टर के लिए जून तिमाही (June Quarter) में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है, क्योंकि फिल्मों का कैलेंडर अच्छा है। PVR INOX 'Toxic' और 'Michael' जैसी फिल्में रिलीज करने वाली है। एनालिस्ट PVR INOX के लिए 'Buy' रेटिंग बनाए हुए हैं। मुख्य बातें जिन पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए, वे हैं कि क्या PVR INOX 'धुरंधर' के बाद अपनी रिकॉर्ड टिकट कीमतों को बनाए रख पाएगी, और कैसे ब्रॉडकास्टर्स बिना और ज्यादा मुनाफा खोए डिजिटल शिफ्ट के अनुकूल ढलेंगे।