PVR INOX ने जून तिमाही में ₹56.5 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल इसी अवधि में हुए ₹47.3 करोड़ के नुकसान से एक बड़ा उलटफेर है। टिकट बिक्री में **16%** की बढ़ोतरी और फूड रेवेन्यू में इजाफे के दम पर कंपनी नेट कैश पॉजिटिव बन गई है। अब निवेशक इस वित्तीय वर्ष में **90-100** नए स्क्रीन जोड़ने की कंपनी की योजना पर नज़र रख रहे हैं।
Detailed Coverage
PVR INOX की शानदार वापसी!
सिनेमा प्रदर्शक PVR INOX ने 30 जून, 2026 को समाप्त पहली तिमाही के लिए ₹56.5 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह प्रदर्शन कंपनी के लिए रिकवरी का संकेत है, जिसने पिछले साल इसी अवधि में ₹47.3 करोड़ का घाटा दर्ज किया था। ऑपरेशन्स से रेवेन्यू बढ़कर ₹1,622.2 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹1,449.6 करोड़ था।
क्या है सफलता का राज?
वित्तीय प्रदर्शन में सुधार को सिनेमाघरों में ग्राहकों की बढ़ती खर्च करने की क्षमता का समर्थन मिला। कंपनी ने 36.6 मिलियन एडमिशन दर्ज किए, जो 8% की वृद्धि दर्शाते हैं। इसके अतिरिक्त, औसत टिकट मूल्य 8% बढ़कर ₹273 हो गया, जबकि फूड और बेवरेज पर प्रति व्यक्ति खर्च 9% बढ़कर ₹161 हो गया। इन कारकों ने टिकट बिक्री में 16% की वृद्धि और फूड और बेवरेज रेवेन्यू में 17% की वृद्धि में योगदान दिया।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कर्ज में कमी
ऑपरेटिंग मार्जिन में उल्लेखनीय वृद्धि के कारण प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ी है। इस तिमाही के लिए EBITDA ₹229.6 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 90% अधिक है, और मार्जिन 8.2% से बढ़कर 14% हो गया। लागतों को सुव्यवस्थित करने और ऑपरेटिंग लीवरेज में सुधार पर कंपनी के फोकस ने इस विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। PVR INOX ₹80.7 करोड़ की नेट कैश पॉजिटिव स्थिति पर भी पहुंच गया है, जो PVR और INOX के विलय के बाद रिपोर्ट किए गए ₹1,430 करोड़ के नेट डेट से एक बड़ा बदलाव है।
ग्रोथ स्ट्रेटेजी और भविष्य की राह
आगे बढ़ते हुए, PVR INOX वित्तीय वर्ष 2027 (FY27) में 90 से 100 नए स्क्रीन खोलकर अपने फुटप्रिंट का विस्तार करने की योजना बना रहा है। कंपनी मुख्य रूप से इस विस्तार के लिए एक एसेट-लाइट मॉडल अपना रही है, जिसमें प्रॉपर्टी के स्वामित्व की तुलना में कम कैपिटल खर्च शामिल है। इस रणनीति को बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाते हुए वित्तीय लचीलापन बनाए रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
हालांकि कंपनी को उम्मीद है कि थिएट्रिकल सेक्टर में रिकवरी जारी रहेगी, प्रदर्शन कंटेंट पाइपलाइन की निरंतरता पर निर्भर करेगा। आगामी शेड्यूल में "रामायण पार्ट 1", "अवेंजर्स: डोम्सडे", और "ड्यून: पार्ट थ्री" जैसी बड़ी रिलीज शामिल हैं। निवेशक इन हाई-प्रोफाइल टाइटल्स के प्रीमियम लार्ज-स्क्रीन फॉर्मेट में प्रदर्शन पर नजर रख सकते हैं, क्योंकि ऐसी फिल्में उच्च औसत टिकट मूल्य और प्रति व्यक्ति खर्च बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। भविष्य के अपडेट संभवतः नए स्क्रीन रोलआउट के कार्यान्वयन पर केंद्रित होंगे और क्या कंपनी फिल्म के प्रदर्शन और उपभोक्ता विवेकाधीन खर्च में संभावित उतार-चढ़ाव के बीच अपने वर्तमान लाभ मार्जिन को बनाए रख सकती है।
