मुनाफे में कैसे आया इतना बड़ा उछाल?
इस मुनाफे में तूफानी तेजी का श्रेय कंपनी के मुख्य फिल्म प्रदर्शनी (movie exhibition) सेगमेंट को जाता है, जहाँ से रेवेन्यू में 10.8% की बढ़त के साथ ₹1,815.3 करोड़ दर्ज किए गए। हालाँकि, फिल्म प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन वाले बिज़नेस में 19.53% की गिरावट आई, जिसने ₹117.8 करोड़ का ही योगदान दिया। अच्छी बात यह है कि कंपनी ने अपने कुल खर्चों (expenses) को नियंत्रण में रखा, जो पिछले साल की तुलना में मात्र 2.5% बढ़कर ₹1,755.6 करोड़ रहे। इस कुशल खर्च प्रबंधन ने कंपनी के मार्जिन को बेहतर बनाने में मदद की।
विस्तार की रफ्तार जारी
कंपनी का मैनेजमेंट अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने और कैपिटल-लाइट विस्तार (capital-light expansion) की रणनीति पर लगातार काम कर रहा है। इस फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों में PVR INOX ने 62 नए स्क्रीन जोड़े हैं। आने वाले फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी 90-100 नए स्क्रीन जोड़ने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसके लिए वह FOCO (Franchisee Owned Company Operated) और एसेट-लाइट मॉडल (asset-light models) जैसे तरीकों का इस्तेमाल करेगी।
ऑपरेशनल नंबर्स क्या कहते हैं?
दर्शकों की संख्या (Footfall) में 8.6% की अच्छी बढ़त देखी गई, जो तिमाही के दौरान 40.5 मिलियन ग्राहकों तक पहुंच गई। टिकट की औसत कीमत (Average Ticket Price) में 4.1% का इजाफा हुआ और यह ₹293 पर पहुंच गई। वहीं, हर ग्राहक द्वारा खाने-पीने (Food & Beverage) पर किया जाने वाला औसत खर्च भी 4.2% बढ़कर ₹146 पर पहुंच गया।
भविष्य को लेकर क्या है आउटलुक?
PVR INOX के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय बिजली ने 2026 के लिए आने वाली फिल्मों के मजबूत पाइपलाइन (content pipeline) का भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि कंपनी 'सस्टेनेबल ग्रोथ' के अगले दौर में प्रवेश करने के लिए तैयार है। उनका मुख्य फोकस कंज्यूमर डिलाइट (consumer delight) बढ़ाने और शेयरधारकों (shareholders) के लिए वैल्यू बनाने पर है।
