PVP Ventures के नतीजों में इस बार रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth) तो धमाकेदार रही, लेकिन घाटा (Loss) भी जारी रहा। कंपनी ने Q3 FY26 के लिए अपनी कंसोलिडेटेड टोटल इनकम (Consolidated Total Income) को पिछले साल के मुकाबले 225% बढ़ाकर ₹17.09 करोड़ कर लिया। स्टैंडअलोन (Standalone) आधार पर तो यह ग्रोथ 300.26% से भी ज्यादा रही, आय ₹10.96 करोड़ पर पहुंची। लेकिन, इस शानदार टॉप-लाइन परफॉरमेंस के बावजूद, कंपनी ₹4.06 करोड़ के कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Consolidated Net Loss) और ₹2.18 करोड़ के स्टैंडअलोन नेट लॉस में रही।
बड़ी चुनौतियों से जूझ रही है कंपनी
इस रेवेन्यू ग्रोथ और घाटे के बीच का भारी अंतर कंपनी के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों को दिखाता है। सबसे बड़ी चिंता ₹1,375 करोड़ की GST डिमांड है। GST इंटेलिजेंस की तरफ से ₹687.53 लाख की डिमांड के साथ इतनी ही पेनल्टी का नोटिस मिला है। इसके अलावा, SEBI ने भी कंप्लायंस (Compliance) के मामलों में ₹14 लाख का जुर्माना लगाया है।
कंपनी पर एक और बड़ा जोखिम यह है कि उसकी एक बड़ी देनदारी (Receivables) एक संबंधित पार्टी PHML से है, जो खुद वित्तीय मुश्किलों से जूझ रही है। PHML पर PVP Ventures के ₹2,800 लाख (यानी ₹28 करोड़) बकाया हैं, जिनकी वसूली पर सवालिया निशान है। कंसोलिडेटेड बैलेंस शीट पर ₹3,840.63 लाख (लगभग ₹38.4 करोड़) के नेगेटिव रिजर्व्स (Negative Reserves) साफ बताते हैं कि कंपनी के शेयरहोल्डर इक्विटी (Shareholder Equity) में काफी कमी आई है।
वित्तीय सेहत पर सवाल?
PHML की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंताएं 2022-23 से ही बनी हुई हैं। इसी तरह, GST इंटेलिजेंस की जांच और SEBI की पेनल्टी कंपनी के लिए एक पैटर्न बनती दिख रही है, जो नियामक जांच (Regulatory Scrutiny) का संकेत देती है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों के लिए, यह स्थिति लगातार अनिश्चितता पैदा करती है। कंपनी की लाभप्रदता (Profitability) और बड़ी देनदारियों का समाधान अभी दूर की कौड़ी लग रहा है। यह बड़ी लीगल डिमांड्स कंपनी से बड़ा कैश आउटफ्लो (Cash Outflow) या एसेट सेल (Asset Sale) की मांग कर सकती हैं। अगर कंपनी लाभ नहीं कमा पाती या बैलेंस शीट को सुधार नहीं पाती, तो भविष्य में फंड जुटाने के लिए और अधिक डाइल्यूशन (Dilution) का सामना करना पड़ सकता है।
तुलनात्मक प्रदर्शन
इस स्थिति की तुलना PVR INOX Limited से करें, जिसने इसी तिमाही में ₹1,908 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹96 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह तुलना PVP Ventures की वित्तीय सेहत और ऑपरेशनल परफॉरमेंस (Operational Performance) के बीच बड़ा अंतर दिखाती है।
आगे क्या देखना होगा
- GST डिमांड और पेनल्टी पर क्या होता है।
- PHML से ₹2,800 लाख की वसूली के लिए कंपनी की क्या रणनीति है।
- कंपनी कब तक लाभप्रदता हासिल कर पाती है और नेगेटिव रिजर्व्स को ठीक कर पाती है।
