Fortune India ने 2026 की सबसे शक्तिशाली महिलाओं की लिस्ट जारी की है, जिसमें Reliance Foundation की चेयरपर्सन Nita Ambani देश की सबसे शक्तिशाली महिला बनी हैं। इस वार्षिक लिस्ट में बिज़नेस और पब्लिक पॉलिसी के प्रभावशाली नेताओं को शामिल किया गया है, जो राष्ट्रीय विकास में उनके योगदान को दर्शाती है। इस अवसर पर भारत में महिला उद्यमियों के मजबूत क्रेडिट अनुशासन पर भी प्रकाश डाला गया।
बिज़नेस जगत की सबसे ताकतवर महिला
Fortune India ने 2026 की 'मोस्ट पावरफुल विमेन' लिस्ट में Reliance Foundation की चेयरपर्सन Nita Ambani को पहला स्थान दिया है। यह लिस्ट बिज़नेस, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, पब्लिक पॉलिसी और एंटरटेनमेंट जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाले लीडर्स को सम्मानित करती है। यह पहचान भारत के कॉर्पोरेट और सामाजिक परिदृश्य को आकार देने में महिला नेतृत्व की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।
प्रमुख लीडर्स को मिली जगह
इस लिस्ट में कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हैं, जो भारत के बड़े कॉरपोरेट्स और संस्थानों का नेतृत्व कर रही हैं। HCLTech की चेयरपर्सन Roshni Nadar Malhotra दूसरे स्थान पर रहीं। तीसरे स्थान पर Apollo Hospitals ग्रुप की लीडर्स - Shobana Kamineni, Sangita Reddy, Preetha Reddy और Suneeta Reddy - संयुक्त रूप से रहीं। टॉप 15 में Savitri Jindal, Priti G. Adani और Kiran Mazumdar-Shaw जैसी हस्तियां भी शामिल हैं, जो स्टील, इंफ्रास्ट्रक्चर और बायोटेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर्स में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
क्रेडिट अनुशासन और आर्थिक प्रभाव
कॉर्पोरेट नेतृत्व के अलावा, इस आयोजन ने भारतीय अर्थव्यवस्था में महिलाओं के व्यापक आर्थिक प्रभाव पर भी जोर दिया। महाराष्ट्र के गवर्नर Jishnu Dev Varma ने कहा कि एक विकसित भारत का लक्ष्य महिलाओं के सशक्तिकरण से गहराई से जुड़ा हुआ है। एक महत्वपूर्ण बात जो सामने आई, वह यह है कि महिला उद्यमियों का क्रेडिट अनुशासन बहुत मजबूत है, जहां एनपीए (Non-Performing Assets - यानी वे लोन जिनकी किश्तें नहीं चुकाई जा रही हैं) 1% से भी कम रिपोर्ट किए गए हैं। यह बैंकिंग सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण डेटा पॉइंट है, जो महिला-केंद्रित व्यवसायों को कर्ज देने में उनकी विश्वसनीयता को उजागर करता है, और भविष्य में ऐसे व्यवसायों की ओर अधिक केंद्रित ऋण प्रथाओं को प्रोत्साहित कर सकता है।
सशक्त नेतृत्व का विज़न
Nita Ambani ने 'पावर' की अवधारणा को नए सिरे से परिभाषित करते हुए कहा कि इसे स्टेटस के बजाय करुणा और समावेश से मापा जाना चाहिए। उन्होंने Reliance Foundation के काम पर प्रकाश डाला, जिसने 10 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। 'सॉफ्ट पावर' और सहानुभूति पर उनका जोर राष्ट्र-निर्माण के ऐसे उपकरण के रूप में है, जो यह दर्शाता है कि कॉर्पोरेट लीडर्स अब पारंपरिक व्यावसायिक सफलता के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी पर भी जोर दे रहे हैं। निवेशकों और बाजार विश्लेषकों के लिए, यह आयोजन नेतृत्व की गुणवत्ता और सामाजिक प्रभाव के महत्व को रेखांकित करता है, जो तेजी से प्रमुख भारतीय कंपनियों के व्यापक मूल्यांकन का हिस्सा बन रहे हैं।
