Netflix के मैनेजमेंट ने माना है कि अमेरिका जैसे मैच्योर मार्केट में उसे और ज्यादा वायरल हिट्स की जरूरत है। भारत जैसे देशों में शानदार प्रदर्शन के बावजूद, अब कंपनी US में सब्सक्राइबर्स जोड़ने के लिए लाइव स्पोर्ट्स और हाई-बजट सीरीज पर दांव लगा रही है।
इंटरनेशनल बाजार बनाम अमेरिका
Netflix की लेटेस्ट अर्निंग्स रिपोर्ट में एक बड़ा अंतर देखने को मिला है। जहां भारत और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में कंपनी को जबरदस्त ग्रोथ मिल रही है, वहीं अमेरिका में कंटेंट की चुनौती बढ़ गई है। को-सीईओ Ted Sarandos ने स्वीकार किया है कि अमेरिका में कॉम्पिटिशन को मात देने के लिए कंपनी को ऐसे कंटेंट की जरूरत है जो वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बने।
भारत से मिली मजबूती
कंपनी के लिए इंटरनेशनल मार्केट एक मजबूत पिलर बनकर उभरा है। भारत में कंपनी की परफॉर्मेंस की बात करें तो तीसरी तिमाही में व्यूइंग आवर्स में 24% का इजाफा और रेवेन्यू में 20% की बढ़ोतरी देखी गई है। यह साबित करता है कि कंपनी की 'लोकलाइजेशन' रणनीति काम कर रही है।
नया दांव: अब लाइव स्पोर्ट्स पर फोकस
अमेरिका में कंटेंट गैप को भरने के लिए Netflix अब अपने पुराने ऑन-डिमांड मॉडल से आगे बढ़ रही है। कंपनी हॉलिडे सीजन में NFL गेम्स जैसे लाइव स्पोर्ट्स की स्ट्रीमिंग शुरू कर रही है। यह कंपनी की रणनीति में एक बड़ा बदलाव है, जिसका मकसद मौजूदा सब्सक्राइबर्स को रिटेन करना और नए लोगों को जोड़ना है।
इसके अलावा, कंपनी अपने विज्ञापन-आधारित (Ad-supported) टियर पर भी जोर दे रही है ताकि ऐसे ग्राहकों को भी लुभाया जा सके जो प्रीमियम सब्सक्रिप्शन के लिए ज्यादा खर्च नहीं करना चाहते। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या ये लाइव स्पोर्ट्स और नई फिल्में अमेरिका में एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) को बढ़ाने में सफल रहती हैं या नहीं।
